दुनिया के दिग्गज देशों के शिखर सम्मेलन जी-7 में पीएम नरेंद्र मोदी की मौजूदगी से भारत के साथ कनाडा और अमेरिका के संबंधों में नया मोड़ आने की उम्मीद की जा रही है। इस सम्मेलन का पूरा कूटनीतिक लाभ लेने की तैयारी की जा रही हैं। विश्व की सबसे ताकतवर शक्तियों के इस समूह की बैठक में पहली बार पीएम मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एक मंच पर होंगे। पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ 4 दिन की सैन्य कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर के बाद दीनों नेता पहली बार आमने-सामने होंगे। इस सैन्य टकराव को रुकवाने का पेप ट्रम्प कई तरह से कई बार लेने की कोशिश कर चुके हैं। उनके बयानों को लेकर केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया था कि संपविराम की पहल खुद पाकिस्तान ने भारत से की थी।
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कनाडा में पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड टम्प के बीच जी-7 के दौरान द्विपक्षीय मुलाकात होगी या नहीं। भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय रिश्तों में टैरिफ को लेकर भी कूटनीतिक उलझन की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में दोनों नेताओं के बीच किसी भी मिट में होने वाली मुलाकात संबंधों में सुधार की दिशा में अहम साबित होगी।
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