लोकोशेड कानपुर ने सिर्फ़ 20 दिनों में लोकोमोटिव के ड्राइविंग कैब में कई संशोधन किए। इसमें किए गए कुछ नवाचारों में मोटराइज्ड साइड विंडो, इम्प्रोवाइज्ड ब्लाइंडर्स, इम्प्रोवाइज्ड कवच लोकेशन, बेहतर गुणवत्ता वाली सीटें (वंदे भारत के बराबर), निरीक्षण करने वाले अधिकारियों के लिए सीट, स्वचालित फायर ऑपरेशन और डिटेक्शन सिस्टम शामिल थे। रेलवे बोर्ड से आए अधिकारियों ने ने इलेक्ट्रिक लोको शेड कानपुर के द्वारा किए गए नवाचारों एवं उत्साही प्रदर्शन की सराहना की।
यह कार्य लगभग रुपए 20 लाख की बहुत ही न्यून लागत पर किया गया था। इस निरीक्षन के दौरान महाप्रबंधक महोदय ने WAP-7 लोको का भी निरीक्षण किया। इस दौरान खास तौर पर HLC वाइंडिंग और होटल लोड सर्किट का जायजा लिया।
इस अवसर पर अपने संबोदहन में महाप्रबंधक महोदय ने लोको में इनोवेशन करने वाली टीम को बधाई दी और कहा कि जो भी परिवर्तन किए जाएं वह यूजर फ्रेंडली हो। इसके लिए तकनीक के साथ-साथ उनका प्रयोग करने वाले लोको पायलटो से समय-समय पर बात कर ही परिवर्तन किया जाए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि हमारे लोको शेड द्वारा किए गए यह नवाचार रेलवे बोर्ड द्वारा स्वीकृत किए जाएंगे और यह संरक्षा और लोको पायलट के लिए संचालन की दृष्टि से सुविधाकारी सिद्ध होंगे।
इस अवसर पर उत्तर मध्य रेलवे के विभिन्न विभागों के प्रधान विभागाध्यक्ष एवं मंडल रेल प्रबंधक प्रयागराज सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी गण उपस्थित रहे। इस दौरान महाप्रबंधक महोदय सहित सभी प्रमुख विभागाध्यक्षों ने पौधारोपण भी किया।
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