ये चीन का दूसरा 5वीं पीढ़ी का स्टेल्थ लड़ाकू विमान है। पहला जे-20 है।
7000 किलो हथियार ले जाने में सक्षम ।
फोल्डिंग विंग्स से लैस ये 6 पीएम-15ई हवा-से-हवा मिसाइलें ले जा सकता है।
ये अमेरिकी एफ-35 से मिलता-जुलता है। इसकी स्पीड 2500 किमी, एफ-35 की 1900 किमी है। रेंज 1,200 किमी है, जो एफ-35 की 2,220 किमी से कम है।
2026 के अंत में योजना बनाई गई, पाकिस्तान को अब छह महीने पहले जे-35ए लड़ाकू विमानों का पहला बैच मिलने की उम्मीद है, संभवतः अगस्त 2025 तक शुरुआती 30 जेट विमानों के लिए। यह तेजी उच्च स्तरीय कूटनीतिक और सैन्य आदान-प्रदान के बाद आई है, जिसमें पाकिस्तान के एयर चीफ मार्शल ज़हीर अहमद बाबर की बीजिंग यात्रा और जनरल झांग यूक्सिया की इस्लामाबाद यात्रा शामिल है। पाकिस्तान का लक्ष्य भारत के साथ गुणात्मक वायुशक्ति अंतर को कम करना है, जो अभी भी गैर-स्टील्थ प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल करता है। पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट कहती है कि देश के पायलट पहले से ही चीन में J-35A पर प्रशिक्षण ले रहे हैं, जो इस्लामाबाद की अपने बेड़े में नए स्टील्थ लड़ाकू विमानों को शामिल करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके अलावा, हाल ही में एक्स पर एक पाकिस्तानी वायुसेना के प्रशंसक द्वारा पोस्ट की गई पोस्ट में J-35 को परीक्षण उड़ान में दिखाया गया है, जिससे विमान के जल्द ही आने की उम्मीद और बढ़ गई है।
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