इसका मतलब अब पैरा फोर्सेज के पास एक हल्का और डिस्पोजेबल सिंगल शॉट समाधान होगा, जो विशेषकर शॉट रेंज कॉम्बैट में बेहद प्रभावी साबित होगा। बता दें कि 2016 को भारतीय सेना के पैरा स्पेशल फोर्सेज ने पीओके में घुसकर आतंकियों के छह लॉन्च पैड तबाह किए थे। उस ऑपरेशन में भारतीय सेना के पैरा कमांडो कार्ल गुस्टाफ को अपने कंधे पर लादकर ही पीओके दाखिल हुए थे। कॉल-गुस्टाफ से ही पैरा-एसएफ कमांडो ने आंतकियों के लॉन्च पैड्स और पाकिस्तानी सेना की उन चौकियों को तबाह किया था, जहां से आतंकियों की घुसपैठ कराने में मदद की जाती थी। इंडियन डीजीएमओ ने कहा था कि ये इन प्रिमटिव सेल्फ डिफेंस अटैक था। अब उसी मिशन के विकास क्रम में एचटी 4 आया गया है जो पीओके जैसे सिमित और शहरी परिवेश में और भी असरदार रहेगा। इससे पहले, साब ने 20 जनवरी, 2022 को घोषणा की थी कि उसे भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना को एटी4, 84 मिमी सिंगल-शॉट हथियार की आपूर्ति के लिए अनुबंध दिया गया है। यह अनुबंध प्रतिस्पर्धी खरीद प्रक्रिया के बाद दिया गया था। इस ऑर्डर में शहरी युद्ध के लिए एक वैरिएंट, AT4CS AST (एंटी-स्ट्रक्चर टैंडेम वारहेड) शामिल था। इसे इमारतों और बंकरों जैसे सीमित स्थानों के अंदर से दागा जा सकता है ताकि पैदल सेना या आतंकवाद विरोधी बलों को विनाशकारी मारक क्षमता प्रदान की जा सके।एटी-4 एक एंटी-आर्मर वेपन है, जिसका इस्तेमाल दुश्मन के बंकर तबाह करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसका वजन 7.5 किलोग्राम तक होता है और एक ही गोली के बाद इन्हें नष्ट किया जा सकता है। इस रिकॉइललेस हथियार को एक ही सैनिक द्वारा संचालित किया जाता है। शॉर्ट रेंज कॉम्बैट के लिए एक विश्वसनीय सिंगल-शॉट समाधान के रूप में कार्य करता है। कार्ल गुस्टाफ के मुकाबले एटी-4 बेहद हल्का रॉकेट लॉन्चर है। ऐसे में सैनिकों को कंधे से दागने में आसानी होगी। साथ ही सीमा पर दुश्मन के बंकर तक पैदल चलकर ले जाने में खासी दिक्कत नहीं आएगी।
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