विशेषज्ञ कहते हैं, तापमान 40°C से ऊपर होने से हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। हीट स्ट्रोक के लक्षणों में शरीर का तापमान 104°F (40°C) से अधिक होना, मानसिक स्थिति में बदलाव (भ्रम, बेचैनी, बोलने में समस्या होना), मतली-उल्टी, त्वचा का लाल होना, तेजी से सांस लेने और हृदय गति बढ़ने के साथ सिरदर्द जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। कुछ मामलों में हीट स्ट्रोक के लक्षण जानलेवा भी हो सकते हैं जिसको लेकर सावधानी बरतना जरूरी है।
हीट स्ट्रोक का क्या कारण है?
डॉक्टर बताते हैं, अधिक गर्मी शरीर की कूलिंग प्रक्रिया को बाधित कर देती है। इस वजह से लू की स्थिति में शरीर का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है।
डिहाइड्रेशन हीट स्ट्रोक का सबसे बड़ा कारण है, यही कारण है स्वास्थ्य विशेषज्ञ गर्मी और लू के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से बचे रहने के लिए दिन में कम से कम ढाई से तीन लीटर पानी पीते रहने की सलाह देते हैं। पानी के साथ शरीर में इलेक्ट्रोलाइट (नमक, पोटैशियम व मैग्नीशियम) का बैलेंस बनाए रखने के लिए ओआरएस या नारियल पानी पीते रहना चाहिए।
अब सवाल उठता है कि ये कैसे पता किया जाए कि आप हीट स्ट्रोक से सुरक्षित हैं या नहीं?
इसके लिए आप खुद से कुछ सवाल पूछें और आप खुद से ही इसका आकलन कर सकते हैं।
- क्या आप दिनभर में भरपूर मात्रा में पानी पीते हैं?
- ढीले हल्के कपड़े पहनते हैं?
- दिन में 11-4 बजे के बीच तो घर से बाहर नहीं निकलते?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कुछ बीमारी के शिकार लोगों में हीटस्ट्रोक और इसकी जटिलताओं का जोखिम अधिक देखा जाता रहा है। हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा या दिल के रोग वाले लोगों में हीटस्ट्रोक का खतरा अधिक होता है।
मायोक्लिनिक की एक रिपोर्ट के मुताबिक बीमार या कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को अगर हीट स्ट्रोक का खतरा अधिक हो सकता है। इसके अलावा यदि आप तेज धूप में या गर्मी में ज्यादा मेहनत वाला काम करते हैं तो इससे भी शरीर का तापमान बहुत तेजी से बढ़ सकता है।
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