अधिकारियों ने बताया कि हमले में कोहिस्तानी को कोई नुकसान नहीं हुआ है। रेडियो पाकिस्तान ने खबर दी कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कोहिस्तानी को फोन किया और घटना की गहन जांच का आश्वासन दिया। प्रधानमंत्री ने कहा, जन प्रतिनिधियों पर हमला अस्वीकार्य है।
घटना में शामिल लोगों को कड़ी सजा दी जाएगी। सूचना मंत्री अता तरार ने सिंध के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) गुलाम नबी मेमन से घटना का ब्यौरा तथा संघीय गृह सचिव से रिपोर्ट मांगी है।
सिंध के मुख्यमंत्री सैयद मुराद अली शाह ने भी इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने हैदराबाद क्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक को हमले में शामिल व्यक्तियों को तुरंत गिरफ्तार करके रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
नेशनल असेंबली की वेबसाइट पर मौजूद निजी जानकारी के अनुसार, कोहिस्तानी सिंध के जमशोरो जिले से संबंध रखते हैं और 2018 में पीएमएल-एन से पहली बार संसद के सदस्य चुने गए थे। पांच साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद वह 2024 में फिर निर्वाचित हुए और उन्हें राज्य मंत्री बनाया गया।
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