कन्या पूजन के साथ नवरात्रि का समापन, मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़, गूंजते रहे जयकारे

चैत्र नवरात्रि के अंतिम दिन देवी स्वरूप में कन्याओं का पूजन किया गया। चुनरी ओढ़ाकर श्रद्धालुओं ने कन्याओं का पांव पखारकर पूजन किया और उनका आशीर्वाद लिया। घरों से लेकर मंदिरों तक पूजन का कार्यक्रम चल रहा। रविवार के के दिन नवरात्रि का समापन कन्या पूजन के साथ किया गया। फल, फूल, मिष्ठान आदि का भोग लगाया गया। महाशक्ति पीठ कल्याणी देवी, अलोपशंकरी देवी और ललिता देवी में भक्तों की भारी भीड़ रही। रामनवमी होने के चलते भगवान राम का भी विधि-विधान से पूजन किया गया। महंत यमुनापुरी जी महाराज ने महानिर्वाणी अखाड़े में नौ कन्याओं का विधि विधान से पूजन कर आरती उतारी और उन्हें पकवानों का भोग लगाया।

चैत्र नवरात्रि के अवसर पर हनुमान मंदिरों, देवी मंदिरों व शक्तिपीठों में भक्तिमय अखंड रामायण पाठ, सुंदरकांड, भजन का दो दिवसीय कार्यक्रम रामनवमी के दिन संपन्न हुआ। जहां कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। पांडुलिपि अधिकारी गुलाम सरवर ने बताया कि शक्तिपीठ मां अलोपी देवी मंदिर में सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, मां कल्याणी देवी मंदिर में शिव बालक पटेल, हनुमान मंदिर काली सड़क में हरिश्चंद्र पांडेय, शिव हनुमान मंदिर गोहरी में राजेंद्र त्रिपाठी, प्राचीन हनुमान मंदिर बखशेड़ा सिकंदरा बहरिया में कंचन लाल यादव, श्रीराम हनुमान मंदिर बगरहा करछना में वेदानंद विश्वकर्मा, श्रीराम मंदिर बलापुर करछना में मोहिनी श्रीवास्तव, हनुमान मंदिर बंधवा मेजा में पवन कुमार सिंह, हनुमान मंदिर समहन टिकुरी मेजा में अरुण कुमार सिंह एवं हनुमान जी मंदिर करमा बाजार बारा में अजय कुमार की मंडली ने देवी गायन किया। इस दाैरान राकेश कुमार वर्मा, हरिश्चंद्र दुबे, विकास यादव, अजय कुमार मौर्य, शुभम कुमार आदि मौजूद रहे।
घूरपुर क्षेत्र में रविवार को नवरात्र के अंतिम दिन कन्या खिलाकर विधि विधान से पूजन किया गया। रविवार को रामनवमी के अवसर पर भगवान राम की पूजा हुई। भजन कीर्तन और भंडारे का आयोजन किया गया। इसी तरह करछना इलाके में रविवार को चैत्र नवरात्रि का देवी के नौ स्वरूप की आराधना, कन्या पूजन व हवन के साथ समापन हुआ। इस मौक पर लोगों द्वारा भंडारे का आयोजन किया गया। क्षेत्र के मॉ काली शक्तिपीठ करछना, शीतलन धाम, बौलिया देवी, शीतलन धाम रामगढ, मां विंध्यवासिनी घटवा सहित कई मंदिरों और घरों में कन्या पूजन किया गया। करछना शिव मंदिर में अखण्ड रामायण पाठ के उपरांत भंडारे का आयोजन किया गया है।

Loading

Related posts