उन्होंने उनकी काम की बहुत प्रशंसा की। बैठक में उन्होंने जो बातें कहीं उनमें से एक ये थी कि भारत के शेख हसीना के साथ अच्छे संबंध होने के बावजूद हमें आपके प्रति उनका अपमानजनक व्यवहार देखा। लेकिन हम आपका आदर और सम्मान करते हैं। जब प्रोफेसर यूनुस ने शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाया तो प्रतिक्रिया नकारात्मक नहीं थी। हमें विश्वास है कि एक दिन हसीना को ढाका प्रत्यर्पण किया जाएगा और हम सभी सबसे बड़े मुकदमे को देखेंगे। साथ ही ये भी साफ था कि भारत बांग्लादेश के संबंधों में एक नया रास्ता बनाना चाहता है। भारतीय प्रधानमंत्री ने मोहम्मद यूनुस से बैठ के दौरान कई बार कहा कि भारत के संबंध बांग्लादेश के लोगों के साथ हैं, किसी एक पार्टी या व्यक्ति के साथ नहीं।
जैसा कि प्रोफेसर यूनुस ने हाल के महीनों में कई बार कहा है कि हम भारत के साथ सबसे अच्छे संबंध चाहते हैं। लेकिन ये निष्पक्षता, समानता और आपसी सम्मान पर आधारित होना चाहिए। हालांकि इस पोस्ट के बाद भारतीय सूत्रों ने इसे बेबुनियाद बताया है। कहा है कि इस तरह के आरोप बांग्लादेश के अंतरिम सरकार की गंभीरता और अच्छे इरादे पर सवाल उठाती है। नई दिल्ली ने अब तक बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पर पिछले साल शेख हसीना के प्रत्यर्पण के लिए की गई मांग का जवाब नहीं दिया है। हसीना ने 5 अगस्त 2024 को ढाका में बड़े विरोध प्रदर्शनों के बीच भारत में शरण ली थी और तभी से दिल्ली में रह रही हैं।
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