क्षेत्रीय जनता की काफी समय से वाराणसी से नई दिल्ली के मध्य वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाये जाने की मांग थी, जनभावनाओं को देखते हुए रेल मंत्रायल ने वाराणसी से नई दिल्ली के मध्य वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के संचलन हेतु स्वीकृति प्रदान की गयी। 27421 वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन वाराणसी से 20.50 बजे प्रस्थान कर दूसरे दिन 06.10 बजे नई दिल्ली पहुँचेगी तथा दिन में अपने कार्यों को निस्तारित कर यात्रीगण 27422 नई दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से नई दिल्ली से 21.40 बजे प्रस्थान कर दूसरे दिन 07.10 बजे वाराणसी पहुँचेंगे। यह गाड़ी अपने यात्रा मार्ग में प्रयागराज, कानपुर सेन्ट्रल, अलीगढ़ एवं गाज़ियाबाद स्टेशनों पर रूकेगी। यह गाड़ी सप्ताह में छः दिन चलाई जाएगी। 27421 वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन वाराणसी से प्रत्येक सोमवार, मंगलवार, बुधवार, बृहस्पतिवार, शनिवार एवं रविवार को तथा 27422 नई दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन नई दिल्ली से से प्रत्येक सोमवार, मंगलवार, बुधवार, बृहस्पतिवार, शुक्रवार एवं रविवार को चलाई जाएगी।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन भारत की अगली पीढ़ी की लंबी दूरी वाली, सेमी-हाई-स्पीड स्लीपर ट्रेन है। इसे रात भर की यात्रा को तेज़, सुरक्षित और अधिक आरामदायक बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह मौजूदा वंदे भारत चेयर कार ट्रेन का ही स्लीपर वर्ज़न है। वंदे भारत स्लीपर को विशेष रूप से रात भर चलने वाली लंबी दूरी की यात्राओं के लिए डिज़ाइन किया गया है।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन 16 कोचों वाला एक श्सेल्फ-प्रोपल्डश् ट्रेन सेट है। इसे श्मेक इन इंडियाश् पहल के तहत डिज़ाइन और निर्मित किया गया है। इसमें तेज़ गति, ऊर्जा की बचत, यात्रियों के लिए आराम और आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों जैसी विशेषताएं सम्मिलित शामिल हैं। इसकी अधिकतम परिचालन गति 160 किमी प्रति घंटा है। इससे रात की यात्रा के दौरान आराम बनाए रखते हुए, गंतव्य तक तेज़ी से पहुँचा जा सकता है। यह ट्रेन पूरी तरह से वातानुकूलित है। इसमें प्रथम श्रेणी वातानुकूलित, द्वितीय श्रेणी वातानुकूलित तथा तृतीय श्रेणी वातानुकूलित कोच, जिनमें कुल 823 बर्थ उपलब्ध हैं। इनमें आरामदायक बर्थ, बेहतर शोर और कंपन नियंत्रण और बेहतर थर्मल इंसुलेशन की सुविधा दी गई है। यात्रियों को सोते समय पूरा आराम मिले, इस पर विशेष ध्यान दिया गया हैकृजैसे कि ट्रेन की गति बढ़ाने और रोकने (ब्रेकिंग) की प्रक्रिया को बहुत स्मूथ रखा गया है, झटकों को कम किया गया है।
वंदे भारत स्लीपर में अत्याधुनिक प्रोपल्शन और कंट्रोल सिस्टम लगे हैं। ऊर्जा बचाने के लिए इसमें ‘रीजेनरेटिव ब्रेकिंग‘ की सुविधा है। इसकी बॉडी मज़बूत स्टेनलेस स्टील या हाई-स्ट्रेंथ स्टील से बनी है, जो दुर्घटना की स्थिति में भी सुरक्षित रहती है और रेलवे के आधुनिक सुरक्षा मानकों को पूरा करती है। यह गाड़ी उन्नत अग्नि सुरक्षा उपाय, इंटेलिजेंट डायग्नोस्टिक्स और आधुनिक ट्रेन प्रबंधन प्रणालियों से युक्त हैं, जो इसकी कार्यक्षमता और सुरक्षा को और बढ़ाती हैं।
वाराणसी सिटी-राजातालाब के मध्य चार जोड़ी ट्रेन सेवा – नगरवासियों की वाराणसी शहर से नगर के पश्चिमी भाग में जाने/आने हेतु महानगरों की तरह वाराणसी सिटी से राजातालाब तक ट्रेन चलाये जाने की मांग थी। नगरवासियों की इस मांग को ध्यान में रखते हुए रेल मंत्रालय ने त्यौहारों के इस मौसम में वाराणसी सिटी से राजातालाब के मध्य चार जोड़ी गाड़ियों के संचलन को मंजूरी दी। ये मेमू गाड़ियाँ अपने यात्रा मार्ग में वाराणसी जं., बनारस, भुलनपुर, हरदत्तपुर स्टेशनों पर रूकेंगी।
इन गाड़ियों में 12 कोच लगाये जायेंगे। इन गाड़ियों के चलने से निजी एवं सरकारी कार्यालयों के कर्मचारियों छात्रों, पर्यटकों, क्रिकेट प्रेमियों, इलाज के लिए नगर के अस्पतालों में जाने वाले रोगियों, व्यावसासियों को काफी सुविधा होगी। इन गाड़ियों के चलने से नगर के मध्य से राजातालाब तक सड़क जाम से मुक्ति मिलेगी तथा सड़क यातायात पर दबाव कम हो जायेगा। यात्रीगण राजातालाब से रिंग रोड के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम पहुँच सकेंगे।
बनारस-प्रयागराज रामबाग ट्रेन सेवा-पूर्वी उत्तर प्रदेश के दो धार्मिक, शैक्षिक, पर्यटन नगरों-वाराणसी एवं प्रयागराज के बीच किफायती ट्रेन सेवा की अतिरिक्त सुविधा उपलब्ध कराये जाने की क्षेत्रीय जनता की मांग एवं वाराणसी नगर के विकास एवं विस्तार के साथ ही यहाँ से प्रयागराज जाने वाले यात्रियों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए माननीय प्रधानमंत्री जी ने बनारस-प्रयागराज रामबाग के मध्य एक जोड़ी ट्रेन सेवा की स्वीकृति प्रदान की है।
इस ट्रेन के चलने से क्षेत्रीय जनता वाराणसी से चलकर कार्यालय समय से प्रयागराज पहुँचेगी तथा वहाँ दिन में अपने कार्य निपटाकर सायं चलकर 2.30 घंटे में बनारस आ जायेंगे। इसके अतिरिक्त इसका लाभ मुकदमें की पैरवी हेतु जाने वाले नागरिकों, पर्यटकों, छात्रों, व्यावसासियों, किसानों को मिलेगा तथा इस गाड़ी के संचलन से यात्रियों के समय एवं धन दोनों की बचत होगी।
![]()
