स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल – पूर्वाेत्तर रेलवे की प्राथमिकता

गोरखपुर, 01 अक्टूबर, 2026ः रेल यात्रियों एवं कर्मचारियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा पेयजल की गुणवत्ता की नियमित और सघन जांच की जा रही है। रेलवे स्टेशनों, कार्यालयों एवं आवासीय कॉलोनियों में पानी की टंकियों, वाटर कूलर, टैप, फिल्टर, वितरण बिंदुओं तथा पाइप लाइनों की निरंतर निगरानी एवं रखरखाव को प्राथमिकता दी गई है। स्वास्थ्य निरीक्षकों द्वारा पेयजल को सुरक्षित बनाने हेतु अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण, जीवाणु संवर्धन परीक्षण एवं रासायनिक विश्लेषण नियमित रूप से किये जा रहे हैं। रेल यात्रियों और कर्मचारियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना रेलवे प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में से एक है और यह कार्य अभियान के रूप में निरंतर चलता रहेगा।

इज्जतनगर मंडल के काठगोदाम, इज्जतनगर, फर्रुखाबाद, कासगंज, बरेली सिटी, लालकुआँ, काशीपुर, पीलीभीत, मथुरा कैंट एवं फतेहगढ़ सहित 10 स्टेशनों तथा न्यू मॉडल कॉलोनी में कुल 50 अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण किये गये, सभी परीक्षण निर्धारित मानकों के अनुरूप पाये गये। साथ ही जीवाणु संर्वधन परीक्षण के लिये 06 जल नमूने लिये गये। इसी प्रकार, लखनऊ मंडल के विभिन्न स्टेशनों तथा आवासीय कॉलोनियों में पेयजल के क्लोरीन परीक्षण तथा जीवाणु संर्वधन परीक्षण किये गये। वाराणसी मंडल के स्टेशनों, आवासीय कॉलोनियों, कोचिंग डिपो, चिकित्सालयों एवं स्वास्थ्य केंद्रों, रनिंग रूम, क्रू लॉबी तथा कार्यालयों में पानी की टंकियों, वाटर कूलर, वाटर फिल्टर, पाइप लाइनों एवं पंपिंग प्रणाली की जाँच की गई।

पूर्वोत्तर रेलवे के सभी स्टेशनों, आवासीय कॉलोनियों एवं कार्यालयों में पेयजल स्थलों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिये यह जाँच अभियान निरंतर जारी रहेगा। स्वास्थ्य निरीक्षकों द्वारा नियमित परीक्षण किये जा रहे हैं, ताकि यात्रियों और कर्मचारियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।

रेल यात्रियों एवं कर्मियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना रेल प्रशासन की प्राथमिकता है तथा इसके लिये जल गुणवत्ता की निगरानी निरन्तर जारी रहेगी।

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