डायट प्रयागराज में ‘दक्ष’ मॉड्यूल पर आधारित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), प्रयागराज में माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों हेतु ‘दक्ष’ मॉड्यूल पर आधारित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत समूह कार्य एवं प्रस्तुतीकरण गतिविधि का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रधानाचार्यों में विद्यालय की वास्तविक समस्याओं की पहचान, उनके कारणों का विश्लेषण तथा प्रभावी समाधान एवं कार्ययोजना विकसित करने की क्षमता का संवर्धन करना रहा।प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर्स श्री वीरभद्र प्रताप एवं श्री मोहम्मद रफी के मार्गदर्शन में प्रधानाचार्यों को विभिन्न समूहों में विभाजित कर विद्यालय स्तर पर अनुभव की जाने वाली प्रमुख एवं चुनौतीपूर्ण समस्याओं की पहचान एवं चयन हेतु प्रेरित किया गया। समूहों द्वारा नामांकन एवं छात्र उपस्थिति, विद्यार्थियों का विद्यालय से अनुपस्थित रहना, बच्चों में तनाव, विद्यालय आने-जाने से संबंधित समस्याएँ, अध्ययन के प्रति रुचि का अभाव, खेल एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का समुचित संचालन आदि विषयों को प्रमुख समस्याओं के रूप में चिन्हित किया गया।समूह कार्य के दौरान प्रधानाचार्यों ने अपने-अपने विद्यालयों के अनुभवों एवं परिस्थितियों को साझा करते हुए समस्याओं के संभावित कारणों, उनके प्रभावों तथा व्यावहारिक समाधान पर गहन चर्चा की। इसके पश्चात प्रत्येक समूह ने अपने निष्कर्षों एवं समाधान की संभावनाओं को प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुत किया। जीआईसी एवं एडेड माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने अत्यंत उत्साह एवं रुचि के साथ प्रतिभाग करते हुए अपने विद्यालयों की चुनौतियों और उनके समाधान के संबंध में प्रभावी विचार प्रस्तुत किए।
गतिविधि का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह रहा कि प्रधानाचार्यों ने केवल समस्याओं की पहचान तक सीमित न रहते हुए अपने-अपने विद्यालय का विजन भी प्रस्तुत किया। उन्होंने विद्यालय को गुणवत्तापूर्ण, विद्यार्थी-केंद्रित, समावेशी एवं आनंददायी शिक्षण का प्रभावी केंद्र बनाने के लिए अपने भविष्य के लक्ष्य एवं कार्ययोजना साझा की।
प्रशिक्षण को अधिक व्यावहारिक एवं समसामयिक बनाने के उद्देश्य से उपजिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा प्रशिक्षण स्थल पर उपस्थित होकर विद्यांजलि पोर्टल, हरित पोर्टल तथा विद्यालय से संबंधित अन्य डिजिटल व्यवस्थाओं एवं प्रक्रियाओं के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। उनके द्वारा पोर्टल के प्रभावी उपयोग, विद्यालयी कार्यों में डिजिटल माध्यमों की उपयोगिता तथा उपलब्ध संसाधनों के बेहतर समन्वय पर प्रकाश डाला गया। इस सत्र ने प्रशिक्षण की उपयोगिता को और अधिक बढ़ाते हुए प्रधानाचार्यों को डिजिटल एवं प्रशासनिक पक्षों की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की।
इस अवसर पर डायट प्राचार्य डॉ. संतोष राय ने प्रधानाचार्यों के समूह कार्य एवं प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि विद्यालय की वास्तविक समस्याओं की पहचान, उनके कारणों का विश्लेषण तथा सामूहिक रूप से समाधान खोजने की प्रक्रिया प्रभावी विद्यालय नेतृत्व की आधारशिला है। उन्होंने प्रधानाचार्यों को स्पष्ट विजन के साथ विद्यालय विकास की दिशा में कार्य करने तथा टीम भावना के माध्यम से सकारात्मक एवं स्थायी परिवर्तन लाने के लिए प्रेरित किया।
मास्टर ट्रेनर्स वीरभद्र प्रताप एवं मोहम्मद रफीक ने समूह कार्य के दौरान प्रतिभागियों को समस्या-विश्लेषण,समाधान-निर्धारण, विद्यालय विजन निर्माण एवं प्रस्तुतीकरण की प्रक्रिया में आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया। उनके द्वारा प्रशिक्षण को सहभागितापूर्ण, गतिविधि-आधारित एवं अनुभवात्मक बनाने का निरंतर प्रयास किया गया।
समग्र रूप से समूह कार्य, विद्यालय विजन प्रस्तुतीकरण तथा पोर्टल संबंधी व्यावहारिक जानकारी ने प्रशिक्षण को अधिक सहभागितापूर्ण, व्यावहारिक एवं प्रभावी बनाया। इस गतिविधि से प्रधानाचार्यों में समस्या-समाधान, नेतृत्व, निर्णय-निर्माण, डिजिटल दक्षता, सहयोगात्मक कार्य तथा विजन-आधारित विद्यालय विकास की समझ को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण सहयोग मिला।

Loading

Related posts