गोरखपुर, 17 अगस्त, 2026ः रेलवे बोर्ड के निर्देशानुसार पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यालय, गोरखपुर पर पेंशनरों/पारिवारिक पेंशनरों के पेंशन सम्बन्धित परिवादों के त्वरित निस्तारण हेतु 15 दिसम्बर, 2026 को 10.30 बजे रेलवे अधिकारी क्लब, गोरखपुर में पेंशन अदालत का आयोजन किया जायेगा। सभी पेंशनर/पारिवारिक पेंशनर अपना प्रतिवेदन सभी संलग्कों सहित तीन प्रतियों में, जिस कार्यालय से समापक भुगतान प्राप्त किये थे, उस कार्यालय में पेंशन सम्बन्धी परिवादों के निस्तारण हेतु 31 अक्टूबर, 2026 तक पूर्ण विवरण के साथ जमा कर दें। इसके बाद प्राप्त आवेदनों/प्रतिवेदनों पर विचार नहीं किया जायेगा।
पेंशनर/पारिवारिक पेंशनर आवेदन पत्र में आवेदक/आवेदिका का नाम, कर्मचारी से सम्बन्ध, भूतपूर्व कर्मचारी का नाम, पदनाम, कार्यस्थल एवं सेवानिवृत्ति/मृत्यु तिथि, बैंक विवरण (खाता संख्या/आई.एफ.एस.सी. कोड व बैंक का नाम), मोबाइल संख्या, ई-मेल आई.डी., पेंशन सम्बन्धी दावा, पत्र व्यवहार का पता (पिन कोड सहित) तथा पी.पी.ओ. एवं आधार कार्ड की छायाप्रति इत्यादि का पूर्ण विवरण दें।
उपरोक्त सम्बन्धी विस्तृत अधिसूचना एवं आवेदन का प्रोफार्मा पूर्वोत्तर रेलवे की वेबसाइट www.ner.indianrailways.gov.in पर उपलब्ध है।
September 20, 2026
sangamshapath Comments Off on गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए गठित हो रही एंटी रैगिंग कमेटी में युवा चेतना समिति को भी शामिल किया जा रहा है। विश्वविद्यालय के नियंता एवं विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट कार्यालय ने समिति के अध्यक्ष मांधाता सिंह को पत्र भेजकर स्वयं अथवा अपने किसी प्रतिनिधि का नाम प्रस्तावित करने को कहा है। विश्वविद्यालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि रैगिंग जैसी अमानवीय और भयावह कुप्रथा की रोकथाम एवं उन्मूलन के लिए शासन तथा विश्वविद्यालय प्रशासन के निर्देशों के क्रम में एंटी रैगिंग कमेटी का गठन किया जाना है। इसी प्रक्रिया के तहत युवा चेतना समिति से भी सहभागिता मांगी गई है। इस क्रम में युवा चेतना समिति के अध्यक्ष मांधाता सिंह ने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के.पी. सिंह से मुलाकात की। दोनों के बीच छात्रहित, युवा जागरूकता, सामाजिक सरोकारों और शैक्षणिक वातावरण को अधिक सकारात्मक एवं संवेदनशील बनाने को लेकर चर्चा हुई।मांधाता सिंह ने कुलपति को युवा चेतना समिति की गतिविधियों तथा सामाजिक, शैक्षणिक और वैचारिक क्षेत्र में किए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी और मुख्य संरक्षक के रूप में मार्गदर्शन देने का आग्रह किया, जिस पर कुलपति ने सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया। मांधाता सिंह ने कहा कि रैगिंग की रोकथाम के लिए केवल नियम और कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के बीच संवाद, संवेदनशीलता और परस्पर सम्मान की भावना विकसित करना भी जरूरी है। युवा चेतना समिति विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ मिलकर छात्रहित और जागरूकता के कार्यक्रमों में सहयोग के लिए तैयार है।
रायबरेली, 19 सितम्बर 2026 जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में...