प्रिया जायसवाल का कहना है कि उनकी सफलता के पीछे उनके माता-पिता, शिक्षकों और बहनों का पूरा सहयोग रहा। उन्होंने बताया कि लिख-लिखकर प्रैक्टिस करने से पढ़ाई ज्यादा याद रहता है, इसलिए उन्होंने इस तरीके को अपनाया और सभी विषयों पर बराबर ध्यान दिया।
प्रिया ने यह भी साझा किया कि दसवीं कक्षा में उन्हें बिहार बोर्ड में 8वां स्थान मिला था। तब उन्होंने अपनी गलतियों को पहचाना और ठान लिया कि इस बार वे उन गलतियों को नहीं दोहराएंगी और उन्होंने सुधारा भी।प्रिया ने जब पहली बार अपना नाम रिजल्ट लिस्ट में भाई से सुना तो उन्हें यकीन नहीं हुआ और उन्होंने कहा कि पूरे बिहार में वह अकेली प्रिया नहीं हैं लेकिन चार बार ठीक से चेक करने पर उन्हें यकिन हुआ कि वही इस बार की बिहार बोर्ड 12वीं परीक्षा टॉपर हैं।प्रिया आगे चलकर मेडिकल की तैयारी करके डॉक्टर बनना चाहती हैं। उनके पिता संतोष जायसवाल ने, कहा कि वे अपनी बेटी की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने देंगे। वे सीमित संसाधनों के बावजूद, इंटरनेट, वाई-फाई और जरूरी सुविधाएं जुटाकर उसकी मेडिकल की तैयारी में पूरा सहयोग करेंगे। प्रिया की मां, रीमा देवी, अपनी बेटी की सफलता से बेहद खुश हैं। उन्होंने बताया कि हमारा घर-खर्च खेती और गन्ने की फसल से चलता है। लेकिन, प्रिया शुरू से ही बहुत मेहनती रही है।
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