ई-नीलामी में उत्साहजनक प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, जिसके परिणामस्वरूप ₹2,41,51,000 का सर्वाधिक वार्षिक लाइसेंस शुल्क प्राप्त हुआ। अनुबंध का कुल अनुमानित मूल्य लगभग ₹64.06 करोड़ है, जिसमें चौथे वर्ष से लागू होने वाली 10 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि भी शामिल है। यह उपलब्धि भारतीय रेल में अब तक का सर्वाधिक गैर-किराया राजस्व अनुबंध मूल्य है, जिसने रेलवे परिसंपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग के क्षेत्र में नया राष्ट्रीय मानदंड स्थापित किया है।
इस परियोजना के अंतर्गत फूड कोर्ट, फन पार्क एवं गेमिंग ज़ोन, स्पोर्ट्स/टर्फ स्पोर्ट्स ज़ोन, शॉपिंग रिटेल ज़ोन, सांस्कृतिक गतिविधि केंद्र तथा एक्सेस कंट्रोल्ड बेसमेंट पार्किंग जैसी आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध होंगी तथा स्टेशन परिसर एक आधुनिक एवं जीवंत वाणिज्यिक केंद्र के रूप में विकसित होगा।
इस पहल का उद्देश्य यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाना, स्टेशन परिसर में आधुनिक व्यावसायिक वातावरण विकसित करना, भारतीय रेल के लिए सतत गैर-किराया राजस्व अर्जित करना तथा प्रयागराज स्टेशन के आसपास आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।
यह ऐतिहासिक ई-नीलामी प्रयागराज मंडल की दूरदर्शी योजना, पारदर्शी कार्यप्रणाली एवं प्रभावी क्रियान्वयन का प्रमाण है। साथ ही यह प्रयागराज स्टेशन की अपार व्यावसायिक संभावनाओं में निवेशकों के मजबूत विश्वास को भी दर्शाती है। यह परियोजना न केवल गैर-किराया राजस्व को सुदृढ़ करेगी, बल्कि प्रयागराज स्टेशन को एक विश्वस्तरीय रेलवे हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।
![]()
