रेलवे बोर्ड के सदस्य इंफ्रास्ट्रक्चर श्री विवेक कुमार गुप्ता ने आज कानपुर–प्रयागराज रेलखंड के निरीक्षण के क्रम में कानपुर सेंट्रल स्टेशन के पुनर्विकास कार्यों का गहन निरीक्षण किया तथा मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के संकल्प सभागार में आयोजित बैठक में अधिकारियों को संबोधित करते हुए रेलवे के समग्र विकास के लिए SQMS – Safety, Quality, Mobility और Skills को चार प्रमुख Core Areas के रूप में रेखांकित किया।
निरीक्षण के दौरान उत्तर मध्य रेलवे के प्रमुख मुख्य इंजीनियर श्री ए.के. मनुवाल, प्रमुख मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर श्री दीपक कुमार सिन्हा, मंडल रेल प्रबंधक, प्रयागराज मंडल श्री रजनीश अग्रवाल सहित निर्माण विभाग एवं मंडल के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
श्री विवेक कुमार गुप्ता ने कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर चल रहे पुनर्विकास कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा आधुनिक एवं नवीनतम तकनीकों का अधिकाधिक उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्टेशन पुनर्विकास का उद्देश्य यात्रियों को आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक स्टेशन उपलब्ध कराना है। निर्माण कार्यों के दौरान यात्री सुविधाओं एवं यात्रियों की सुगम आवाजाही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा निर्माण गतिविधियों के कारण यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। सभी निर्माण कार्यों में निर्धारित गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने तथा कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के अगले चरण में सदस्य इंफ्रास्ट्रक्चर ने कानपुर–प्रयागराज रेलखंड का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रेलखंड पर चल रहे विभिन्न विकास एवं आधारभूत संरचना संबंधी कार्यों की प्रगति का अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। रेलखंड पर संरक्षा, समयबद्धता, आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण तथा यात्री सुविधाओं से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।
इसी क्रम में मण्डल रेल प्रबंधक कार्यालय के संकल्प सभागार में आयोजित बैठक में अधिकारियों को संबोधित करते हुए श्री विवेक कुमार गुप्ता ने कहा कि रेलवे की कार्यप्रणाली और भविष्य की योजनाओं में Safety, Quality, Mobility और Skills के बीच बेहतर समन्वय एवं संतुलन आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि Safety (संरक्षा) रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रत्येक परियोजना, निर्माण कार्य और परिचालन संबंधी निर्णय में निर्धारित संरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। संरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रक्रियाओं तथा डेटा आधारित विश्लेषण का प्रभावी उपयोग किया जाना चाहिए।
Quality (गुणवत्ता) के संबंध में उन्होंने कहा कि केवल किसी कार्य को पूरा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी गुणवत्ता और दीर्घकालिक उपयोगिता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। योजना बनाने से लेकर कार्य के क्रियान्वयन और उसके बाद रखरखाव तक प्रत्येक स्तर पर गुणवत्तापूर्ण मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने Mobility (गतिशीलता) को रेलवे की कार्यक्षमता का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि रेल नेटवर्क की क्षमता, परिचालन दक्षता तथा यात्रियों और माल की निर्बाध आवाजाही को ध्यान में रखते हुए आधारभूत संरचना का विकास किया जाना चाहिए। विकास कार्यों की योजना बनाते समय वर्तमान आवश्यकताओं के साथ-साथ भविष्य की जरूरतों और उनके व्यापक प्रभाव को भी ध्यान में रखा जाए।
श्री गुप्ता ने Skills (कौशल) को रेलवे के विकास का महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों के निरंतर कौशल विकास और प्रशिक्षण पर जोर दिया। बदलती तकनीक और आधुनिक रेलवे प्रणाली के अनुरूप कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाने के लिए नियमित एवं प्रभावी प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाने चाहिए। उन्होंने प्रशिक्षण केंद्रों की भूमिका को और मजबूत करने तथा नई तकनीकों के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान करने पर भी बल दिया।
सदस्य इंफ्रास्ट्रक्चर महोदय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी कार्य की योजना बनाते समय उसकी आवश्यकता, प्राथमिकता, समयबद्धता और प्रभाव का समुचित आकलन किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्णय लेते समय केवल विभागीय दृष्टिकोण तक सीमित न रहते हुए यात्री एवं आमजन के दृष्टिकोण (Customer Perspective) को भी प्रमुखता दी जानी चाहिए।
उन्होंने डेटा एवं उपलब्ध सूचनाओं के बेहतर उपयोग पर भी जोर देते हुए कहा कि Data Based Planning एवं Analysis के माध्यम से कार्यों की प्राथमिकता निर्धारित करने, कमियों की पहचान करने तथा रेलवे की कार्यप्रणाली एवं गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाने में सहायता मिलती है।
इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक, प्रयागराज मंडल श्री रजनीश अग्रवाल ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रयागराज मंडल की विस्तृत रूपरेखा, प्रमुख उपलब्धियों तथा मंडल में चल रहे विभिन्न मेजर इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों की वर्तमान प्रगति से सदस्य इंफ्रास्ट्रक्चर श्री विवेक कुमार गुप्ता को अवगत कराया। उन्होंने मंडल में भविष्य के लिए प्रस्तावित एवं नियोजित आधारभूत संरचना संबंधी कार्यों, उनकी प्राथमिकताओं तथा कार्यों की प्रगति से संबंधित विस्तृत जानकारी भी प्रस्तुत की।
प्रस्तुतीकरण के दौरान मंडल में क्षमता वृद्धि, परिचालन दक्षता, संरक्षा, यात्री सुविधाओं तथा आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण से संबंधित विभिन्न प्रमुख परियोजनाओं पर भी चर्चा की गई। सदस्य इंफ्रास्ट्रक्चर श्री विवेक कुमार गुप्ता ने प्रस्तुत किए गए कार्यों एवं योजनाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा परियोजनाओं को संरक्षा, गुणवत्ता, समयबद्धता और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
बैठक में अपर मंडल रेल प्रबंधक परिचालन श्री एम एम वारिस, अपर मंडल रेल प्रबंधक सामान्य श्री दीपक कुमार, वरिष्ठ मंडल इन्जीनियर समन्वय मो. जावेद अख्तर सहित मंडल के अधिकारीगण उपस्थित रहे|
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