सामाजिक न्याय की अवधारणा एक ऐसी अवधारणा है जिसमें समाज के हक वंचित लोगों को भागीदारी देने हेतु विशेष अवसर के सिद्धांत का प्रतिपादन हमारे भारतीय संविधान के है जो आर्टिकल 340,341,342,15(4) एवं 16(4) में प्राविधानित है।देश के लगभग 60 प्रतिशत ओबीसी आबादी के लिए आर्टिकल 340 में जो प्राविधान है उसके तहत पहले काका कालेलकर आयोग था बाद मंडल आयोग बना।मंडल आयोग ने ओबीसी की बहबूदी हेतु 40 प्राविधान किए थे जिनमें से एक को 07 अगस्त 1990 को लागू किया गया जो देश में सामाजिक समता लाने हेतु किया गया अविस्मरणीय प्रयास है जिस हेतु देश का पिछड़ा समाज संविधान निर्माता बाबा साहब आंबेडकर,मंडल आयोग के अध्यक्ष वीपी मंडल एवं इसे लागू करने वाले प्रधानमंत्री वीपी सिंह को स्मरण करते हुए साधुवाद समर्पित करता है,उक्त बातें 07 अगस्त 1990 को मंडल लागू किए जाने की 36 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित मंडल दिवस कार्यक्रम में व्यक्त करते हुए सपा के पूर्व प्रवक्ता चंद्रभूषण सिंह यादव ने कहा कि मंडल आयोग पिछड़ों की जागृति का प्रमुख हथियार बना। मंडल दिवस पर 1990 में आरक्षण समर्थक संघर्ष समिति के सह संयोजक रहे सुदर्शन चौरसिया को रामपुर कारखाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत डुमरी स्थित सपा जन संपर्क कार्यालय पर अंग वस्त्र एवं मंडल कमीशन रिपोर्ट किताब भेंट कर सम्मानित करते हुए सपा के पूर्व प्रवक्ता चंद्रभूषण सिंह यादव ने कहा कि 1990 में मंडल लागू होने के बाद मंडल कमीशन के पक्ष में आंदोलन चलाने में सुदर्शन चौरसिया का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।मंडल दिवस पर सपाइयों ने मिष्ठान वितरण कर प्रसन्नता जताते हुए इस तिथि को ऐतिहासिक दिवस बताया। मंडल दिवस पर रामप्यारे यादव, राम आशीष यादव, अभिषेक गुड्डू गोंड, शंकर गोंड, श्यामराज कन्नौजिया, सुरेश नारायण सिंह, व्यास यादव, गोविंद यादव, अमला यादव, संतोष मद्धेशिया, अयोध्या वर्मा, नंदलाल यादव, लोरिक यादव, नारायण प्रसाद, राजेश्वर यादव, काँता प्रसाद,बेलभद्र गोंड, रामबृक्ष यादव , दुधई प्रसाद आदि ने उपस्थित रह इस तिथि को ऐतिहासिक दिवस बताया।
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