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जगदीशपुर में 22 लाख की अंत्येष्टि स्थल परियोजना पर भ्रष्टाचार के आरोप, डीएम के निर्देश पर जांच शुरू
रायबरेली। सदर तहसील के विकासखंड राही अंतर्गत ग्राम पंचायत जगदीशपुर में लगभग 22 लाख रुपये की लागत से बनाए जा रहे अंत्येष्टि स्थल के निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। शिकायत के अनुसार करीब डेढ़ वर्ष पहले लगभग 13 लाख रुपये की धनराशि निकाल ली गई, लेकिन मौके पर उसके अनुरूप निर्माण कार्य नहीं कराया गया। आरोप यह भी है कि कार्य पूर्ण होने की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई, जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण अभी भी अधूरा है और गुणवत्ता भी मानकों के अनुरूप नहीं है।मामले से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने और शिकायत जिला प्रशासन तक पहुंचने के बाद जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं।मंगलवार (4 अगस्त 2026) को मुख्य विकास अधिकारी अंजू लता ने बताया कि ग्राम पंचायत जगदीशपुर के अंत्येष्टि स्थल निर्माण कार्य को लेकर शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत में आरोप है कि ग्राम पंचायत सचिव द्वारा सरकारी धन का आहरण तो कर लिया गया, लेकिन निकाली गई धनराशि के अनुरूप निर्माण कार्य नहीं कराया गया।सीडीओ ने बताया कि मामले की जांच के लिए संबंधित खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को निर्देशित किया गया है। जांच के दौरान निर्माण स्थल का भौतिक सत्यापन, खर्च की गई धनराशि का परीक्षण, निर्माण की वास्तविक प्रगति तथा गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि सरकारी धन का उपयोग नियमों के अनुरूप हुआ या नहीं।उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और कार्य की स्थिति को लेकर जो सवाल उठाए गए हैं, उन्हें भी जांच का हिस्सा बनाया गया है ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।सीडीओ अंजू लता ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी अधिकारी, कर्मचारी या अन्य संबंधित व्यक्ति की लापरवाही अथवा वित्तीय अनियमितता सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।इस प्रकरण ने ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और सरकारी धन के उपयोग को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पूरे जिले की निगाहें बीडीओ की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि अंत्येष्टि स्थल निर्माण में वास्तव में अनियमितता हुई है या नहीं और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।
