निरीक्षण के दौरान नदी के जलस्तर, घाटों की सुरक्षा व्यवस्था, संभावित संवेदनशील स्थलों, बाढ़ शरणस्थलों (फ्लड शेल्टर), बाढ़ चौकियों, चेतावनी एवं सूचना तंत्र, नावों एवं बचाव उपकरणों की उपलब्धता तथा आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों की समीक्षा की गई।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने तहसीलदार लालगंज को निर्देशित किया कि नदी के जलस्तर पर 24×7 सतत निगरानी रखी जाए तथा किसी भी प्रकार की जलस्तर वृद्धि की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों एवं संबंधित विभागों को उपलब्ध कराई जाए। समस्त बाढ़ शरणस्थलों एवं बाढ़ चौकियों को पूर्णतः सक्रिय एवं अलर्ट रखा जाए तथा नाव, गोताखोर, राजस्व, पुलिस एवं अन्य संबंधित विभागों के मध्य समन्वय स्थापित रखते हुए किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि घाटों पर अनावश्यक भीड़ एकत्र न होने दी जाए, संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग एवं चेतावनी संकेतक लगाए जाएँ तथा आमजन को नदी के तेज बहाव एवं गहरे पानी में प्रवेश न करने के प्रति लगातार जागरूक किया जाए। संभावित बाढ़ की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूर्ण सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें, जिससे जन-धन की किसी भी प्रकार की हानि न होने पाए तथा आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य तत्काल प्रारंभ किए जा सकें।
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