प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना शाम करीब 4:30 बजे की है। उस समय मासूम घर के पास खेल रहा था। अचानक बाथरूम की दीवार भरभराकर ढह गई और वह मलबे में दब गया। परिजनों व ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए मलबा हटाकर बच्चे को बाहर निकाला और गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) डीह के लिए रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही उसकी सांसें थम गईं। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।मासूम की मौत की खबर मिलते ही पूरे परिवार में कोहराम मच गया। मां का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पिता और अन्य परिजन गहरे सदमे में हैं। गांव में शोक की लहर दौड़ गई और देखते ही देखते घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। हर किसी की आंखें नम थीं और लोग इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध नजर आए।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में जर्जर दीवारें और पुराने निर्माण कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। ऐसे निर्माणों की समय रहते मरम्मत और सुरक्षा जांच बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह का असहनीय दुख न झेलना पड़े।मासूम विमान्श की असमय मौत ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है। खुशियों से भरा घर कुछ ही पलों में मातम में बदल गया। गांव में हर ओर इस दर्दनाक हादसे की चर्चा है और लोग शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।
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