आज के कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के जिलाध्यक्षों का एक साथ मनोनयन हुआ और हनुमत संग की एक नई इकाई अमूल्य निधि के राष्ट्रीय संयोजक श्री जगदीश चन्द्र श्रीवास्तव जी को नियुक्त किया गया। इनका मुख्य कार्य पूरे राष्ट्र में सेवा निवृत्त हुए लोगों को सनातन को बढ़ाने, एक करने, जाति १ राजनीति की वजह से विद्वेश को खत्म कर व पूर्व हिन्दुओं को सनातन में पुनर्प्रतिष्ठित करने का कार्य करेंगे।
आज के सम्मेलन में मुख्यतः उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष डा० सत्यानन्द यादव जी को सम्मानित किया गया और प्रदेश के हनुमत संग के सदस्यों की संख्य एक करोड़ करने के लिए डा० सत्यानन्द यादव जी ने संकल्प लिया। साथ ही डा० सत्यानन्द यादव जी ने हनुमत संग की प्रदेश इकाई को विस्तार करते हुए श्री सतीश द्विवेदी जी को प्रदेश महासचिव, श्री दिनेश यादव जी को वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं श्री अभिशेक शुक्ल जी को संगठन मंत्री बनाया। इसी क्रम में राष्ट्रीय विधि प्रकोष्ठ के अध्यक्ष के रूप में आनन्द कुमार सिंह जी को नियुक्त किया गया तथा प्रदेश अध्यक्ष विधि प्रकोष्ठ श्री रवीन्द्र यादव जी, प्रदेश महासचिव विधि प्रकोष्ठ श्री आयुश मिश्रा जी एवं श्री सुशील कुमार शुक्ला जी को. सचिव नियुक्त किया गया।
हनुमत संग की मुख्य इकाई “हनुमान चालीसा आयोजन इकाई” के उ०प्र० से श्री केशव प्रसाद पाण्डेय जी एवं मध्य प्रदेश से श्री राजेश्वर पाण्डेय जी कें संयोजक के रूप में श्री राजीव कुमार मिश्र राष्ट्रीय सह-संयोजक जी ने मनोनीत किया। साथ ही श्री आदित्य पाठक जी को राष्ट्रीय युवा कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया। और श्री बालेश यादव जी राष्ट्रीय अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ ने श्री राकेश कुमार जी को उ०प्र० युवा प्रकोष्ठ का अध्यक्ष मनोनीत किया।
कार्यकर्ता सम्मेलन के प्रमुख आकर्षणों में उ०प्र० के जिलाध्यक्षों को श्रीमहंत यमुनापुरी जी महाराज द्वारा नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया। जिसमें प्रमुख रूप से श्री दिलीप कुमार पाण्डेय जी जिलाध्यक्ष प्रयागराज, श्री दिलीप कुमार द्विवेदी जी जिलाध्यक्ष फतेहपुर, श्रीमती रेनू सशुक्ला जी जिलाध्यक्ष कानपुर श्री विनोद पाण्डेय जी जिलाध्यक्ष कौशाम्बी, श्री ओमप्रकाश यादव जी जिलाध्यक्ष मउ, श्री लाल जी वर्मा जिलाध्यक्ष प्रतापगढ़, श्री शुभम पाण्डेय जी जिलाध्यक्ष रायबरेली प्रमुख रूप से रहे।
आज के कार्यकर्ता सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमहंत यमुनापुरी जी महाराज सचिव श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा ने सभी पदाधिकारियों न हनुमत संग के जुझारू कार्यकर्ताओं को आशीर्वाद देते हुए यह आशा किया कि संत, सनातन, संस्कृति, मठ, मंदिर और अपने धार्मिक स्थलों की सुरक्ष हनुमत संग के योद्धाओं द्वारा किया जायेगा। श्री महंत जी के श्रीमुख से हनुमत संग के सभी कार्यकर्ता, पदाधिकारी आशीर्वाद लेकर भाव विभोर हो गये कार्यक्रम को मुख्य रूप से संबोधन करने वालों में सुश्री स्वामी योगमाता जी, श्री अभिनव त्रिपाठी जी, सी दुगेश जी, श्री दुकान जी, श्री चन्द्रप्रकारै। यादव जी, श्री संदीप आर्या जी, श्री एस०के० दूबे जी, श्री संजय कुमार मिश्र जी, श्री सीताराम कुशवाहा जी, श्री आर०पी० यादव जी, श्री विनय त्रिपार्टी जी, श्री राम प्रकाश तिवारी जी, श्री अंजू मिश्र जी, श्री मनोज पटेल जी, श्री सरस सिंह जी, श्रीमती प्रतिभा सिंह जी, श्रीमती शिखा जी, श्री बजरंगी भा जी, श्री अवधेश निशाद जी एवं श्री शीलू भाई जी आदि प्रमुख थे।
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