हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से देशभर में 64 स्थानों पर; उत्तर प्रदेश में 5 स्थानों पर ‘गुरुपूर्णिमा समारोह’ भावपूर्ण वातावरण में संपन्न

हिन्दू ‘स्वबोध’ व ‘शत्रुबोध’ जागृत रखकर देश-धर्म रक्षण के लिए संगठित हों ! – हिन्दू जनजागृति समिति के गुरुपूर्णिमा समारोह में आवाहन

प्रयागराज : ‘‘आज देश और धर्म पर होने वाले आघात केवल सीमा तक सीमित नहीं रहे हैं, बल्कि वे सीधे हमारी चौखट तक आ पहुंचे हैं । आतंकवाद और घुसपैठ के साथ-साथ ‘लव जिहाद’, ‘लैंड जिहाद’, ‘वक्फ बोर्ड का अतिक्रमण’ और हाल ही में उजागर हुए ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ जैसे विविध आघातों एवं षड्यंत्रों के माध्यम से हिन्दुओं को योजनाबद्ध तरीके से लक्ष्य किया जा रहा है। इसके माध्यम से देश का भू-राजनीतिक मानचित्र और जनसंख्या वृद्धि का गणित बदलने का भयंकर षड्यंत्र रचा जा रहा है। जब तक हिन्दू समाज अपना ‘स्वबोध’ (सामर्थ्य और धर्मज्ञान) और ‘शत्रुबोध’ (शत्रु की छिपी रणनीति) जागृत नहीं करता, तब तक इन चौतरफा आघातों का प्रतिकार करना संभव नहीं है। इसलिए हिन्दुओं को अब केवल मूकदर्शक न बनकर देश-धर्म रक्षण के लिए कृतीशील होना चाहिए,’’ ऐसे स्पष्ट और प्रखर विचार हिन्दू जनजागृति समिति के उत्तर प्रदेश एवं बिहार राज्य समन्वयक श्री. विश्वनाथ कुलकर्णी ने व्यक्त किए ।
वे प्रयागराज जिले में पाम्स रिसार्ट पुराना कटरा में आयोजित गुरुपूर्णिमा में ‘हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए संघर्ष और साधना की दिशा’ विषय पर बोल रहे थे । हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से 30 जुलाई को देशभर में 64 स्थानों पर ‘गुरुपूर्णिमा महोत्सव’ का आयोजन किया गया है ।

आगामी विश्वयुद्ध और आपत्काल की आशंका को देखते हुए, समिति की ओर से हिन्दुओं से प्राथमिक उपचार, अग्निशमन और स्व-रक्षा प्रशिक्षण लेने का आवाहन किया गया । अधिवक्ता ज्ञानेंद्र मिश्रा ने कहा कि, राष्ट्र और धर्म सुरक्षित हैं, तो समाज सुरक्षित है और समाज सुरक्षित है, तो व्यक्ति सुरक्षित है ।
इस लिए समाज एवं संस्कृति की सुरक्षा के लिए कम-से-कम एक घंटा राष्ट्र और धर्म के लिए देने का संकल्प करें । घर से बाहर निकलते समय मस्तक पर कुंकुम लगाकर निकलें । फोन पर बात करते समय ‘हैलो’ के स्थान पर ‘नमस्कार’, ‘हरि ॐ’ अथवा ‘राधे-राधे’ कहें ।

इस महोत्सव के आरंभ में श्री व्यासपूजन और प.पू. भक्तराज महाराज जी का प्रतिमापूजन (गुरुपूजन), सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवले जी के संदेश का वाचन, रामराज्य की स्थापना के लिए संकल्प और नामजप, धर्मरक्षकों एवं हिंदुनिष्ठों का सत्कार, राष्ट्रभक्त और धर्मनिष्ठ मान्यवरों का मार्गदर्शन, स्व-रक्षा की आसान पद्धतियों का प्रात्यक्षिक (डेमो), तथा ‘समिति’ के प्रेरणास्थान सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवले जी के कार्य पर आधारित लघुचित्रपट (डॉक्यूमेंट्री) दिखाया गया। इस महोत्सव में विविध विषयों पर ग्रंथ-प्रदर्शनी तथा राष्ट्र-धर्म विषयक फलक-प्रदर्शनी (फ्लेक्स बोर्ड) भी लगाई गई थी। अनेक लोगों ने इसका लाभ लिया।

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