हालांकि, कुछ देर बाद आंदोलन में शामिल राष्ट्रवादी किसान आर्मी के प्रदेश संयोजक प्रतीक शर्मा ने पीटीआई-वीडियो से बातचीत में कहा कि किसान सरकार के फैसले से खुश हैं और सभी किसान संगठनों ने मिलकर आंदोलन को खत्म करने का फैसला किया है। इसके बाद रोशनपुरा चौराहे पर पुलिस की ओर से सभी आंदोलनरत किसानों को उनके घर भेजने के लिए गाड़ियों की व्यवस्था किए जाने की घोषणा की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह चौहान ने पीटीआई-से बातचीत में कहा कि किसान सरकार की घोषणाओं से सहमत हैं और वे रोशनपुरा चौराहे से अपने घरों की ओर जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उनकी सकुशल वापसी के लिए बसों की व्यवस्था की गई है और वे अपने गंतव्य की ओर निकल रहे हैं। किसानों से वार्ता के बाद सरकार की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि किसानों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अब प्रत्येक पात्र किसान से उसकी मूंग उपज का 25 प्रतिशत नहीं, बल्कि 60 प्रतिशत उपार्जन करने का निर्णय लिया है। इसमें कहा गया कि नर्मदापुरम, सीहोर एवं हरदा जैसे जिलों में लगभग तीन क्विंटल प्रति एकड़ मूंग उत्पादक किसानों के लिए यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा और प्रयास रहेगा कि अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिले।
बयान में कहा गया कि किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने स्लॉट बुकिंग की अवधि भी 10 दिन बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके मुताबिक अब किसान 30 जुलाई के स्थान पर 10 अगस्त तक स्लॉट बुकिंग कर सकेंगे और इसी प्रकार उपार्जन की अंतिम तिथि भी 10 अगस्त से बढ़ाकर 20 अगस्त की जा रही है। बयान में राज्य के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सदैव किसानों के हित में कार्य करती आई है क्योंकि अन्नदाता प्रदेश की अर्थव्यवस्था और समृद्धि का आधार हैं और उनके परिश्रम से उत्पादित उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि जहां तक खाद वितरण के लिए लागू की गई ई-टोकन व्यवस्था से संबंधित शिकायतों और व्यावहारिक समस्याओं का प्रश्न है, यह व्यवस्था राज्य शासन का एक महत्वपूर्ण सुधार है और आने वाले समय में इससे किसानों को काफी सुविधा एवं लाभ मिलेगा। कृषि मंत्री ने कहा कि ई-टोकन व्यवस्था में सुधार के लिये एक समिति गठित होगी, जो इस व्यवस्था से जुड़ी सभी समस्याओं का परीक्षण कर राज्य सरकार को अपनी अनुशंसाएं प्रस्तुत करेगी। उन्होंने कहा कि समिति की अनुशंसाओं के आधार पर आवश्यक सुधार तत्काल किए जाएंगे।
कंषाना ने कहा कि सुझाव प्राप्त होकर सुधार होने तक ई-टोकन से खाद वितरण की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से स्थगित की जा रही है। उल्लेखनीय है कि सरकार के फैसले से पहले न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर शत-प्रतिशत मूंग खरीद समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत किसानों ने बुधवार शाम केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के आवास के बाहर प्रदर्शन किया और फिर शहर के प्रमुख रोशनपुरा चौराहे पर पहुंचे, जो मुख्यमंत्री मोहन यादव के आवास से महज एक किलोमीटर की दूरी पर है। हजारों की संख्या में पहुंचे किसानों ने व्यस्त नर्मदापुरम राजमार्ग पर लगाए गए कई स्तरों के अवरोधकों को पारकर जहां रोशनपुरा चौराहे पर डेरा डाल दिया था, जिसके बाद राज्य सचिवालय में सरकार के प्रतिनिधियों ने किसानों से चर्चा शुरू की।
रोशनपुरा चौराहे पर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी, जहां पहुंचने से पहले कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों की पुलिस से धक्का मुक्की भी हुई और कुछ बसों के कांच भी टूट गए लेकिन पुलिस ने संयम बरतते हुए किसी प्रकार का कोई बल प्रयोग नहीं किया। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले 19 संगठनों की ओर से मिलकर आयोजित इस प्रदर्शन में किसानों की प्रमुख मांगों में राज्य की पूरी मूंग की फसल को 100 प्रतिशत एमएसपी पर खरीदा जाना, खाद वितरण की जटिल ई-टोकन व्यवस्था को खत्म करना और आगामी बुवाई सत्र के लिए समय पर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराना शामिल था। किसानों की मांगों के मद्देनजर बातचीत के माध्यम से समाधान खोजने के प्रयास के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने चार सदस्यीय समिति बनाने की घोषणा की थी।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि किसानों का विरोध प्रदर्शन रात भर जारी रहा, जिससे राज्य की राजधानी में व्यस्त नर्मदापुरम राजमार्ग पर यातायात बाधित हो गया। यादव ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘सरकार हमेशा सकारात्मक सुझावों के साथ किसानों के साथ खड़ी रही है। लेकिन दोनों पक्षों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि लोगों को परेशानी न हो।
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