लेफ्टिनेंट जनरल/माननीय उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण श्री योगेन्द्र डिमरी की अध्यक्षता में बुधवार को एनआईसी सभागार में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा संचालित आपदा प्रबंधन गतिविधियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक में माननीय उपाध्यक्ष ने कहा कि आंधी, तूफान, वज्रपात एवं बाढ़ से जनहानि न होने पाये, इसके लिए सावधानियों एवं जारी होने वाली चेतावनियों के बारे में व्यापक रूप से जनजागरूकता अभियान चलाया जाये। उन्होंने कहा कि जनजागरूता के लिए तहसील, ब्लाक स्तर एवं ग्राम पंचायत स्तर पर गोष्ठियों एवं अन्य माध्यमों से लोगो को जागरूक किया जाये, जिससे कि लोग आंधी, तूफान एवं वज्रपात के समय सावधानियां बरते हुए अपने को सुरक्षित कर सके। उन्होंने कहा कि स्कूलों में भी बच्चों के मध्य आपदा प्रबंधन के अन्तर्गत आंधी-तूफान एवं वज्रपात से बचाव के उपायों के बारे में अधिक से अधिक जानकारी दी जाये। कहा कि लोगो को आपदा के सम्बंध में जानकारी होने पर वे अपना बचाव समय से कर सकते है। उन्होंने कहा कि मौसम की जानकारी के लिए बनाये गये सचेत एप एवं दामिनी एप को अधिक से अधिक लोग डाउनलोड करें तथा उसके माध्यम से दिए जाने वाले निर्देशों, सावधानियों एवं चेतावनियों को गम्भीरता से लेते हुए उसका अनुपालन करें। सावधानी बरतने से जनहानि को शून्य किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मोबाइल पर आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की तरफ से नियमित रूप से अलर्ट जारी किया जाता है, लोग उसको गम्भीरता से लें तथा तत्काल सुरक्षित स्थान पर चले जाये, जिससे कि प्राकृतिक आपदाओं से बच सके।
लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा कि लोगो को विभिन्न माध्यमों से जागरूक किया जाये कि आंधी-तूफान एवं वज्रपात के समय टीन की छत, होल्डिंग, क्षतिग्रस्त मकान, पेड़, बिजली के खम्भे से दूर रहे। घर के बाहर या छत पर रखी हुई भारी वस्तुएं उड़ सकती है, इसलिए उन्हें बांध कर रख दंे। यात्रा कर रहे हो तो ऐसे समय पर सुरक्षित स्थान देखकर रूक जाये। उन्होंने कहा कि धारदार एवं नुकुली वस्तुओं को खुले में न रखे। धातु से बनी वस्तुओं का उपयोग न करें एवं पेड की शरण में न जाये। आकाशीय विद्युत के परिप्रेक्ष्य में सावधानियां बरतते हुए पक्के मकान की शरण में चले जाये, खिड़की, दरवाजें एवं बरामदे से दूर रहे। पेड, मोबाइल टावर, बिजली के खम्भो, कच्चे मकान, तालाब तथा जलाशय से दूरी बनाकर रखे। खराब मौसम में बच्चों को बाहर न खेलने दे। लोहे की खिड़की, दरवाजें व हैण्डपम्प आदि को न छूए। यदि खुले खेत में फंस जाये, तो दोनो कानों को बंद कर पैरो को सटा लें तथा घुटनों का टेक ले। वर्षा आंधी तूफान आकाशीय बिजली एवं बदलते मौसम के सटीक पूर्वानुमान हेतु सचेत एप एवं दामिनी एप अवश्य अपलोड करें। आकाशीय विद्युत के परिप्रेक्ष्य में सावधानियों के रूप में पेड के नीचे न खड़े हो। दीवार के सहारे टेक न लगाये। धातु युक्त नल एवं फ्रीज को न छुए। धातु से बने छाते का प्रयोग न करें। घरों में चलने वाले भारी विद्युत उपकरणों को प्लक से अलग कर दें। खुले वाहनों में सवारी न करें। बचाव के लिए जमीन पर न लेटे तथा तैराकी व नौकायन न करें। उन्होंनें कहा कि उपरोक्त के सम्बंध में लोगो को जागरूक करने के लिए ग्राम स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाया जाये, जिससे कि लोगो को बरतने वाली सावधानियों एवं बचाव के उपायों के बारे में जानकारी हो सके तथा लोग अपने को आपदा से बचाव कर सके। इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि आंधी, तूफान एवं वज्रपात के सम्बंध में प्राप्त होने वाली चेतावानियों को तत्काल विभिन्न माध्यमों से लोगो के मध्य प्रसारित किया जाता है, जिससे कि अधिक से अधिक लोगो को जानकारी हो सके और वे अपना बचाव कर सके। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्रीमती विनीता सिंह, अपर जिलाधिकारी आपूर्ति, अपर नगर आयुक्त सहित अन्य सम्बंधित विभागों के अधिकारीगण तथा एनडीआरएफ के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
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