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चर्च भूमि प्रकरण में डी.के. सिंह पर गंभीर आरोप, खुद को निर्दोष बताते हुए जॉनसेन टी. जॉन ने मांगी निष्पक्ष जांच
कानपुर-बहुचर्चित एपिफेनी चुन्नी गंज व चर्च ऑफ इंडिया ट्रस्ट (14/137 खलासी लाइन, सिविल लाइंस, कानपुर) की अरबों रुपये की कीमती भूमि धोखाधड़ी मामले में एक बहुत बड़ा व चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है आधिकारिक दस्तावेजों एवं कोतवाली थाने में दर्ज एफआईआर (प्र.सू.रि. सं. 0002/2022, धारा 120-B, 420, 467, 468, 471 भा.दं.सं.) के विस्तृत अध्ययन से यह स्पष्ट हुआ है कि इस पूरे भू-माफिया गिरोह व फर्जी दस्तावेज तैयार करने के षड्यंत्र का असली मुख्य सूत्रधार श्याम नगर निवासी डी. के. सिंह (धीरेन्द्र कुमार सिंह) व अखिलेश सिंह हैं जांच में सामने आया है कि डीके सिंह और उसके साथियों द्वारा सुनियोजित तरीके से कूटरचित (जाली) विक्रय अनुबंध, पावर ऑफ अटॉर्नी एवं फर्जी प्रस्ताव तैयार किए गए इस पूरे संगठित षड्यंत्र में जॉनसेन टी. जॉन को बलि का बकरा बनाकर झूठे मुकदमे में फंसाया गया है, ताकि असली भू-माफिया पर्दे के पीछे छिपे रहें और न्यायालय में होने वाली निष्पक्ष गवाही को दबाया जा सके मामले पर अपना आधिकारिक बयान जारी करते हुए जॉनसेन टी. जॉन ने कहा मुझे इस पूरे मामले में पूरी तरह निर्दोष होते हुए भी एक गहरी आपराधिक साजिश के तहत फंसाया गया है मैंने किसी भी अवैध बिक्री, कूटरचित इकरारनामे या पावर ऑफ अटॉर्नी पर कहीं भी कोई हस्ताक्षर (सिग्नेचर) नहीं किए हैं मेरे फर्जी दस्तखत व कूटरचित दस्तावेज डीके सिंह और उसके गिरोह द्वारा तैयार किए गए हैं उन्होंने आगे बताया कि अदालत व जांच एजेंसियों के समक्ष उनकी महत्वपूर्ण गवाही होनी तय है, जिससे डी. के. सिंह और गिरोह के अन्य प्रभावशाली भू-माफियाओं का पर्दाफाश होना निश्चित है इसी गवाही को रोकने, उन्हें डराने-धमकाने और कानूनी प्रक्रिया को भटकाने के उद्देश्य से उनकी छवि को धूमिल किया जा रहा है और उन्हें मुख्य अभियुक्त के रूप में प्रोजेक्ट करने की कोशिश की जा रही है खलासी लाइन, कानपुर की लगभग 16,000 वर्ग गज बेशकीमती चर्च संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने के लिए फर्जी ई-स्टाम्प व पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार की गई थी इस पूरे फर्जीवाड़े का मुख्य संचालक और सूत्रधार कानपुर के 67 रामपुरम, श्याम नगर निवासी धीरेन्द्र कुमार सिंह (डी.के. सिंह) पुत्र स्व. राम पाल सिंह पाया गया है जॉनसेन टी. जॉन की होने वाली अदालत की गवाही से बौखलाकर आरोपी गिरोह द्वारा साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने और गवाहों पर दबाव बनाने की पुरजोर कोशिश की जा रही है, सच्चाई सामने लाने के लिए जॉनसेन टी. जॉन ने अपने सभी कथित हस्ताक्षरों की फॉरेंसिक और हैंडराइटिंग एक्सपर्ट से जांच कराने की मांग की है, जिससे यह वैज्ञानिक रूप से सिद्ध हो सके कि उन्होंने कभी कोई हस्ताक्षर नहीं किए जॉनसेन टी. जॉन एवं उनके विधिक प्रतिनिधियों ने शासन, पुलिस प्रशासन (कमिश्नरेट कानपुर नगर) एवं माननीय न्यायालय से गुहार लगाई है कि मुख्य आरोपी डी. के. सिंह एवं उसके गिरोह के विरुद्ध सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा उन्हें सुरक्षा प्रदान करते हुए उनकी गवाही को बिना किसी भय के दर्ज कराया जाए।
