बैठक का शुभारंभ आदरणीय डायट मेंटर वीरभद्र प्रताप द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर किया गया।
तत्पश्चात नोडल शिक्षक संकुल द्वारा डायट मेंटर , ए.आर.पी. उमाशंकर विश्वकर्मा एवं सभी उपस्थित शिक्षकों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इसके उपरांत बैठक के निर्धारित एजेंडे का क्रमवार वाचन करते हुए उसके प्रमुख बिंदुओं से सभी को अवगत कराया गया।
इसके पश्चात आदरणीय डायट मेंटर वीरभद्र प्रताप ने Best Teaching Practices विषय पर सभी शिक्षकों के साथ संवादात्मक चर्चा की। उन्होंने प्रत्येक विद्यालय के शिक्षकों से अपने-अपने विद्यालयों में किए जा रहे प्रभावी शिक्षण कार्यों, नवाचारी गतिविधियों एवं विद्यार्थियों के अधिगम को बेहतर बनाने हेतु अपनाई गई श्रेष्ठ शिक्षण पद्धतियों को साझा करने के लिए प्रेरित किया। सभी शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक अपने अनुभव साझा किए, जिससे एक-दूसरे से सीखने का उत्कृष्ट अवसर प्राप्त हुआ।
तत्पश्चात आदरणीय डॉ. प्रमोद तिवारी सर ने अपने प्रेरक उद्बोधन में सकारात्मक सोच और प्रसन्नचित्त रहकर कार्य करने का संदेश देते हुए कहा कि—
“हमेशा मुस्कुराते रहिए, सकारात्मक सोच के साथ कार्य कीजिए, सभी कार्य स्वतः ही बेहतर ढंग से संपन्न होते चले जाएंगे।”
इसके उपरांत आदरणीय डायट मेंटर द्वारा उद्गम पोर्टल, मनोदर्पण कार्यक्रम तथा NCERT के Well-being & Happiness Programme सहित विभिन्न शैक्षिक विषयों पर विस्तारपूर्वक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। उन्होंने शिक्षकों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण तथा विद्यालयों में सकारात्मक एवं प्रेरणादायक शैक्षिक वातावरण विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
अंत में नोडल शिक्षक संकुल द्वारा डायट मेंटर सर, ए.आर.पी. (अंग्रेज़ी) सर एवं सभी उपस्थित शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। सभी के सहयोग एवं सक्रिय सहभागिता के साथ बैठक का सफलतापूर्वक समापन हुआ।
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