निरीक्षण के आरम्भ में महाप्रबन्धक श्री उदय बोरवणकर ने नकहा जंगल स्टेशन पर उपलब्ध यात्री सुविधाओं, पैनल रूम, रिले रूम, सर्कुलेटिंग एरिया का निरीक्षण किया। इसके पश्चात समपार संख्या-05 स्पेशल पर निर्माणाधीन सड़क उपरिगामी पुल व समपार सं0 27 सी/2ई का संरक्षा निरीक्षण किया तथा वहॉ डयूटी पर तैनात गेटमैन व इंजीनियरिंग गैंग के टैªक मेन्टेनरों का रेल संबंधी संरक्षा ज्ञान परखा।
इसके उपरांत आनंदनगर रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत योजना के अन्तर्गत चल रहे स्टेशन पुनर्विकास कार्यो, यात्री सुविधाओं के आधुनिकीकरण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होने स्टेशन पर पुनर्विकास कार्य को तीव्रगति से किये जाने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया। उन्होंने स्टेशन पर गुड्स शेड का अवलोकन किया तथा पार्सल एवं माल परिवहन को सुगम बनाने हेतु निर्देश दिया।
निरीक्षण के क्रम में महाप्रबंधक ने सिद्धार्थ नगर रेलवे स्टेशन पर सर्कुलेटिंग एरिया, स्टेशन भवन के सौंदर्यीकरण, यात्री सुविधाओं के आधुनिकीकरण व विस्तारीकरण का निरीक्षण किया।
श्री बोरवणकर ने बढ़नी रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के अन्तर्गत चल रहे स्टेशन के पुनर्विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होनें संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य मंे तेजी लाने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिये तथा बढ़नी स्टेशन पर उपलब्ध यात्री सुविधाओं और मालभाड़ा परिवहन की प्रगति की जानकारी प्राप्त की।
तुलसीपुर स्टेशन पर उन्होने स्टेशन अधीक्षक कार्यालय, पैनल रुम, स्टेशन वर्किंग रूल, रिले रूम, पॉइन्ट एवं क्रासिंग तथा अमृत भारत योजना के अन्तर्गत हो रहे विकास कार्यो का एवं यात्री सुविधाओं का जायजा लिया तथा तुलसीपुर-बलरामपुर के मध्य मेजर ब्रिज सं0 151 का संरक्षा निरीक्षण किया।
इसके पश्चात महाप्रबन्धक श्री बोरवणकर ने कर्मचारी कल्याण की दिशा में गोण्डा स्थित मनोरंजन केंद्र पर हुए व्यापक पुनरुद्धार एवं सौन्दर्यीकरण कार्यो का निरीक्षण किया। इसे कर्मचारी कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया तथा मण्डल प्रशासन का उत्साहवर्धन भी किया।
अपने निरीक्षण के दौरान महाप्रबन्धक महोदय ने गोरखपुर-आनन्दनगर-गोण्डा रेल खण्ड पर ट्रैक बैलास्ट, ओवरहेड ट्रैक्शन, एलाइनमेंट, कॉशन आर्डर एवं ट्रैक फिटिंग, स्टेशन भवन, पॉइंट एवं क्रॉसिंग, सिग्नल, कर्व तथा पुलों का संरक्षा निरीक्षण किया तथा रेलवे की कार्यक्षमता में वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने ट्रेनों के समयपालन, यात्री सुविधाओं, संरक्षा और सुरक्षा के स्तर पर जोर देते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिया।
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