समीक्षा बैठक को सम्बोधित करते हुये प्रमुख मुख्य चिकित्सा निदेशक डॉ० ए.ए. खान ने कहा कि चिकित्सा विभाग की हिंदी के प्रयोग-प्रसार में अहम भूमिका है और हम सदैव इस दिशा में कार्य करने हेतु तत्पर हैं। उन्होंने कहा कि हमारा सम्पूर्ण कार्यक्षेत्र हिंदी भाषी क्षेत्र में आता है, हिंदी में काम करना हमारा संवैधानिक दायित्व है। उन्होंने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हिंदी में कार्य करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। प्रमुख मुख्य चिकित्सा निदेशक ने कहा कि नोटिस एवं पत्राचार का ड्राफ्ट तैयार करते समय यह ध्यान रखें की हिंदी के सरल एवं सहज शब्दों का प्रयोग किया जाये। साथ ही अंग्रेजी के तकनीकी शब्दों का हिंदी अनुवाद ना करके उसे देवनागरी लिपि में ही लिख दिया जाये। उन्होंने कहा कि अधिकारी जब भी स्टेशनों का निरीक्षण करें तो वहाँ राजभाषा प्रयोग की स्थिति का भी अवश्य जायजा लें तथा निरीक्षण रपट के साथ चेक लिस्ट संलग्न करें।
समीक्षा बैठक में वरिष्ठ अनुवादक श्री नागेश्वर नाथ श्रीवास्तव ने राजभाषा नियमों एवं पुरस्कार योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया।
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