प्रतियोगिता में परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। मूल्यांकन के उपरांत 15 विद्यार्थियों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए, जबकि 10 मेधावी विद्यार्थियों को शील्ड एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत किए गए नवाचार एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं रचनात्मक सोच की स्पष्ट झलक देखने को मिली। इस अवसर पर डायट मेंटर वीरभद्र प्रताप ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आविष्कार और नवाचार बच्चों की सृजनशीलता का सर्वोत्तम उदाहरण होते हैं। ऐसे आयोजन शिक्षा के क्षेत्र में वैज्ञानिक चेतना को सशक्त बनाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने नवाचारों को निरंतर विकसित कर ब्लॉक स्तर से जिला एवं राज्य स्तर तक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करें।
खंड शिक्षा अधिकारी अखिलेश कुमार यादव ने प्रतियोगिता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, समस्या समाधान क्षमता एवं वैज्ञानिक दृष्टि का विकास करती हैं, जो भविष्य की शिक्षा प्रणाली की मजबूत आधारशिला हैं।
कार्यक्रम का वातावरण अत्यंत उत्साहपूर्ण एवं प्रेरणादायी रहा। प्रतिभागी विद्यार्थियों के चेहरे पर विज्ञान एवं नवाचार के प्रति बढ़ती जिज्ञासा और आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। प्रतियोगिता का समापन सकारात्मक संदेशों के साथ हुआ।
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