राजनाथ ने कहा कि वंदे मातरम अपने आप में पूर्ण है और इसे अपूर्ण बनाने के कई प्रयास किए गए। वंदे मातरम को उसका गौरव लौटाना समय की मांग है। राजनाथ सिंह ने लोकसभा में कहा आज़ादी के बाद वंदे मातरम को हाशिए पर रखा गया और उसे वह न्याय नहीं मिला जिसका वह हक़दार था। राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि वंदे मातरम सिर्फ़ बंगाल तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका इस्तेमाल पूर्व से पश्चिम तक होता था, और सिर्फ़ भारत में ही नहीं, बल्कि भारत के बाहर भी लोग इसका जाप करते थे।
रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सभी लोग वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने का जश्न मनाएँगे और इसे वह दर्जा देंगे जिसका यह हकदार है। उन्होंने आगे कहा कि जिन लोगों को अखंड भारत से समस्या थी या जो उससे डरते थे, उन्होंने राष्ट्रगीत के बाकी छंदों पर आपत्ति जताई। मेरा बस यही सवाल है कि कांग्रेस ने ऐसे लोगों का समर्थन क्यों किया?
![]()
