बता दें कि एनवीडिया अब वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्रांति की सबसे बड़ी अगुआ बन चुकी है। यह उपलब्धि उसे एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट जैसे दिग्गज टेक दिग्गजों से भी आगे ले गई है। कंपनी ने केवल तीन महीने पहले 4 ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा पार किया था, और अब 5 ट्रिलियन तक की छलांग ने यह साबित कर दिया है कि एआई तकनीक विश्व अर्थव्यवस्था में किस तरह का बदलाव ला रही है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, एनवीडिया के सीईओ जेनसन हुआंग ने बताया कि कंपनी को अगले चार वर्षों के लिए 500 बिलियन डॉलर के एआई चिप ऑर्डर मिले हैं, जो इसकी तेजी से बढ़ती वैश्विक मांग को दर्शाता है। इन चिप्स का इस्तेमाल सुपरकंप्यूटर, डाटा सेंटर से लेकर सेल्फ-ड्राइविंग कारों तक में किया जा रहा है।गौरतलब है कि कंपनी ने हाल ही में अमेरिकी ऊर्जा विभाग के लिए सात एआई सुपरकंप्यूटर बनाने की घोषणा की है। इसके अलावा, एनवीडिया अब उबर के साथ मिलकर ऑटोनॉमस व्हीकल तकनीक को तेज करने पर काम कर रही है और नोकिया में 1 बिलियन डॉलर का निवेश करके 6जी नेटवर्क और एज एआई कंप्यूटिंग के क्षेत्र में भी कदम बढ़ा रही है।
एनवीडिया की यह कामयाबी केवल आर्थिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि तकनीकी नेतृत्व के लिहाज से भी ऐतिहासिक मानी जा रही है। गेमिंग ग्राफिक्स चिप निर्माता से लेकर एआई इंफ्रास्ट्रक्चर की दिग्गज कंपनी बनने तक का इसका सफर तकनीकी दुनिया में बदलाव का प्रतीक बन गया है। कंपनी का यह विकास इस बात का संकेत है कि भविष्य की अर्थव्यवस्था में एआई कितना निर्णायक रोल निभाने जा रहा है।
अगर इसके इतिहास पर नजर डालें तो 1999 में आईपीओ के दौरान एनवीडिया का बाजार मूल्य 1 बिलियन डॉलर से भी कम था। 2007 में यह 10 बिलियन डॉलर पर पहुंचा, जब इसकी जीफोर्स जीपीयू सीरीज ने बाजार में धमाल मचाया। 2024 में कंपनी ने 1 ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा पार किया और सिर्फ डेढ़ साल में यह पांच गुना बढ़ गया। जुलाई 2025 में एनवीडिया ने 4 ट्रिलियन डॉलर पार किया था और अब अक्टूबर 2025 में 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचकर इतिहास रच दिया है।
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