अमेरिका हो या चीन भारत की जासूसी करने में लग जाते हैं। एक बार फिर अमेरिका ने इसे साबित कर दिया है। दरअसल, भारत ने बंगाल की खाड़ी में नोटिस टू एयरमैन यानी नोटम जारी किया है। जिससे संकेत मिल रहे हैं कि लंबी दूरी की बैलेस्टिक मिसाइल का भारत परीक्षण करने वाला है। भारत के मिसाइल परीक्षण से पहले ही चीन और पाकिस्तान के साथ साथ अमेरिका भी घबराया हुआ है। इसलिए चीन के बाद अब अमेरिका ने भी अपने जासूसी जहाज को हिंद महासागर में उतार दिया है। जो कि गश्त करते हुए देखा गया है।
चीन और अमेरिका ने जिन जहाजों को समुद्र में उतारा है, उन्हें ये समुद्री अनुसंधान पोत बताते हैं लेकिन असल में इसका इस्तेमाल दूसरे देशों की सैन्य गतिविधियों पर नजर रखने के लिए किया जाता है। चीन का जासूसी जहाज युआन वांग 5 मलेशिया से हिंद महासागर में पहुंच चुका है। वहीं अमेरिका का भी जासूसी जहाज ओसेन टाइटन भी भारत के पश्चिमी तट पर पहुंचा हुआ है।
चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी का युआन वांग 5 अत्याधुनिक उपग्रह और मिसाइल ट्रैकिंग पोत हिंद महासागर क्षेत्र में वापस आ गया है। युआन वांग 5 के आखिरी बार 18 सितंबर के आसपास इंडोनेशिया के पास होने की सूचना मिली थी। ईंधन भरवाने के नाम पर साल 2022 में 11 से 17 अगस्त तक हंबनटोटा में ये जहाज रहने वाला था। भारत ने श्रीलंका से साफ कह दिया था कि इससे इस क्षेत्र की सुरक्षा और आर्थिक हितों पर असर होगा। हंबनटोटा बंदरगाह को श्रीलंका ने 2016 में चीन की एक सरकारी कंपनी को पट्टे पर दे दिया था।
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