मौजूदा जानकारी के अनुसार, अब सदस्य अपनी कुल PF राशि का 75% तक निकाल सकते हैं, लेकिन खाते में 25% राशि बची रहनी जरूरी होगी ताकि रिटायरमेंट के लिए सुरक्षा बनी रहे।
पहले हर काम के लिए अलग-अलग सर्विस अवधि होती थी, जैसे शादी के लिए 7 साल और घर के लिए 5 साल की नौकरी जरूरी थी। अब सभी निकासी के लिए यह अवधि सिर्फ 12 महीने तय की गई है। EPFO ने यह भी तय किया है कि अब सदस्य बिना कोई कारण बताए भी निकासी कर सकते हैं, जिससे प्रक्रिया आसान और तेज हो जाएगी।
शिक्षा और शादी के लिए निकासी की सीमा भी बढ़ाई गई है — अब शिक्षा के लिए 10 बार और शादी के लिए 5 बार तक पैसे निकाले जा सकेंगे। नौकरी छूटने की स्थिति में अब PF की पूरी राशि 12 महीने बाद ही निकाली जा सकेगी। पहले यह अवधि सिर्फ 2 महीने थी।
EPFO कमिश्नर रमेश कृष्णमूर्ति के अनुसार, यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि सदस्य कम से कम एक साल तक ब्याज और पेंशन का फायदा उठा सकें।
बता दें कि हाल के महीनों में IT और फिनटेक सेक्टर में छंटनी बढ़ी है, जिससे कई कर्मचारियों को अपनी PF राशि की जरूरत पड़ती है। EPFO का कहना है कि अब पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी और आंशिक निकासी ऑटोमैटिक रूप से सेटल की जाएगी, ताकि कर्मचारियों को जल्दी और आसान तरीके से उनका पैसा मिल सके हैं।
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