कार्यक्रम की शुरुआत स्काउट ध्वज रोहण से हुई, जिसने प्रशिक्षण वातावरण में अनुशासन और प्रेरणा की ऊर्जा भर दी। इस पाँच दिवसीय प्रशिक्षण सत्र का संचालन अनुभवी स्काउट मास्टर्स – श्रीमती गायत्री यादव, श्री मनोज मौर्य और श्री अनिल शुक्ला द्वारा किया जा रहा है।
प्रशिक्षण के प्रथम दिवस में प्रशिक्षुओं को स्काउट-गाइड आंदोलन के उद्देश्यों, इतिहास और महत्व से अवगत कराया गया। इसमें विशेष रूप से अनुशासन के पालन, राष्ट्र, समाज और स्वयं के प्रति कर्तव्यपरायणता तथा सेवा भाव की शिक्षा पर बल दिया गया। प्रशिक्षुओं को यह भी बताया गया कि स्काउटिंग केवल एक प्रशिक्षण नहीं, बल्कि जीवनशैली है, जो उन्हें जिम्मेदार, सहयोगी और सजग नागरिक बनने के लिए प्रेरित करती है।
इस अवसर पर डायट प्रवक्ता श्री वीरभद्र प्रताप ने अपने ओजस्वी वक्तव्य के माध्यम से प्रशिक्षुओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने स्काउटिंग को राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक सशक्त साधन बताते हुए कहा कि आज के समय में अनुशासन, सेवा और कर्तव्यपालन की भावना समाज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
कार्यक्रम का प्रथम दिवस प्रतिज्ञा ग्रहण और कैंप फायर संगीत की गूंजती ध्वनियों के साथ संपन्न हुआ। प्रशिक्षुओं ने गीतों और सामूहिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने उत्साह और सृजनात्मकता का परिचय दिया।
यह प्रशिक्षण सत्र पाँच दिवसों तक अनवरत रूप से संचालित होगा और 27 सितम्बर 2025 को समापन समारोह के साथ पूर्ण होगा। इस अवसर पर प्रशिक्षु स्काउटिंग की विविध गतिविधियों और सीखों से समृद्ध होकर नयी ऊर्जा और अनुभव के साथ आगे बढ़ेंगे।
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