साल 2025 ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास माना गया है। इसका कारण है शनि, गुरु और राहु-केतु का राशि परिवर्तन। दरअसल, यह सभी ग्रह एक लंबे समय के बाद राशि परिवर्तन करते हैं और यह संयोग इस वर्ष बना हुआ है। 29 मार्च 2025 के दिन न्याय के कारक शनि ने कुंभ से निकलकर मीन राशि में प्रवेश किया था। यह साल का सबसे पहला और बड़ा गोचर रहा है। अब इसके बाद 14 मई 2025 को रात 11:20 मिनट पर गुरु वृषभ से मिथुन राशि में गोचर करेंगे। यह…
![]()
