भगवान शंकर के दिव्य श्रृंगार का गोस्वामी तुलसीदास ने बहुत सुंदर वर्णन किया है

गोस्वामी तुलसीदास जी भगवान शंकर के श्रृंगार का वर्णन कर रहे हैं। जिसमें हमने अभी तक अनेकों प्रकार के श्रृंगारों का रसास्वादन किया। गोस्वामी जी कहते हैं-   ‘गरल कंठ उर नर सिर माला। असिव बेष सिवधाम कृपाला।।’   भगवान शंकर के दिव्य श्रृंगार में, अब वाले श्रृंगार ने तो मानों दाँतों तले अँगुलि दबाने को विवश कर दिया था। कारण कि भगवान शंकर ने अपनी छाती पर एक माला पहन रखी है। वह माला न तो कोई स्वर्ण धातु से बनी है, और न ही पुष्प इत्यादि की। जी…

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शिव और शक्ति मिलकर ब्रह्मांड को करते हैं संतुलित, अर्धनारीश्वर के रहस्य से कैसे जुड़ा है Equinox

पृथ्वी की धुरी झुकी हुई है, यही वजह है कि दिन और रात कभी भी एक समान नहीं होते। गर्मियों में दिन लंबे होते हैं और रातें छोटी। सर्दियों में दिन छोटे होते हैं और रातें लंबी होती हैं। हालांकि, साल में दो बार, वसंत और शरद ऋतु में, दिन और रात लगभग बराबर होते हैं। इन विशेष दिनों को विषुव (equinox) कहा जाता है और उनमें से एक आज यानी 20 मार्च को पड़ता है।   विषुव दिन के लंबे होने की ओर बदलाव का प्रतीक है। यह एक…

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बच्चों के कपड़े रात में बाहर सुखाने के लिए क्यों किया जाता है मना

भारतीय परंपराओं में कई ऐसी बातों का जिक्र किया गया है, जिनका आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दोनों आधार होते हैं। इन्हीं में से एक मान्यता यह है कि रात के समय बच्चों के कपड़ों को बाहर नहीं सुखाना चाहिए। हालांकि यह बात आपको सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन इसके पीछे ज्योतिषीय, धार्मिक और वैज्ञानिक कारण बताए जाते हैं। वहीं यह परंपरा क्यों प्रचलित हैं और इसके पीछे क्या मान्यता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि बच्चों के कपड़े रात के…

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कलयुग में सभी पापों से मुक्ति दिलाने का काम करती है रामकथा: ब्रह्मर्षि नागेंद्र

नवाबगंज, प्रयागराज । कलयुग में सभी पापों से मुक्ति दिलाने का काम रामकथा करती है। इसलिए सभी कार्य को जल्द निपटा कर जहां भी भगवान की कथा गाई जा रही हो, वहां जाकर श्रवण जरुर करें। उक्त बातें कथावाचक ब्रह्मर्षि नागेन्द्र जी महाराज ने अपने एक रामकथा के बीच श्रोताओं को सुनाई । पितरों की कृपा प्राप्त करने के लिए धर्म वाटिका बरीबोझ में चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा के तीसरे दिन भी दूर-दूर से राम कथा के प्रेमी कथापंडाल में पहुंचकर श्रीराम कथा का श्रवण किए। व्यासपीठ पर…

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रोजाना गणेश चालीसा का पाठ करने से दूर होते है सभी विघ्न, हर मनोकामना होगी पूरी

बुधवार का दिन सुख-समृद्धि के दाता गणेश जी को समर्पित होता है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने से जातक के जीवन के कष्टों का अंत हो जाता है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है। ऐसे में आप इस दिन गणेश जी की पूजा-अर्चना कर उनकी कृपा और आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही आप रोजाना पूजा के दौरान भगवान गणेश की चालीसा का पाठ भी कर सकते हैं। बता दें कि भगवान गणेश की पूजा के दौरान आप उनको दूर्वा और सिंदूर जरूर अर्पित…

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पापमोचनी एकादशी के दिन तुलसी पूजा का सही नियम क्या है? प्राप्त होगा अखंड सौभाग्य

एकादशी का महत्व हिंदू धर्म में विशेष होता है। साल में कुल 24 एकादशी तिथियां आती है और प्रत्येक महीने में 2 बार एकादशी आती हैं। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा का विधान है। पापमोचनी एकादशी को बेहद पवित्र मानी जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इसमें भक्तों के पापों को दूर करने की शक्ति होती है। चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को पड़ती है। आइए आपको बताते हैं एकादशी के दिन तुलसी की पूजा कैसी करनी चाहिए? आइए आपको बताते हैं।   पापमोचनी एकादशी 2025…

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पुराने बर्तनों का दान करना शुभ या अशुभ, जानिए क्या कहता है ज्योतिष शास्त्र

हिंदू धर्म में पुराने बर्तनों का विशेष महत्व होता है। बर्तन का संबंध सिर्फ रसोई घर से ही नहीं बल्कि इनका धार्मिक और ज्योतिष दृष्टि से भी गहरा संबंध है। अक्सर पुराने बर्तन पीढ़ियों से चले आते हैं। वहीं कुछ बर्तनों को देवी-देवताओं से जोड़कर भी देखा जाता है। हिंदू धर्म में बर्तनों की स्थिति को शुभ और अशुभ माना जाता है। जहां टूटे बर्तनों को अशुभ माना जाता है और इनको बदलने की सलाह दी जाती है। ऐसे में बहुत लोग पुराने बर्तनों का दान करना चाहते हैं। इसलिए…

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कब से शुरु हो रही हैं चैत्र नवरात्रि? मां दुर्गा का इस बार हाथी पर आगमन होगा

चैत्र नवरात्रि एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है जो देवी दुर्गा के नौ स्वरुपों की पूजा का उत्सव मनाता है। चैत्र नवरात्रि पर चंद्र कैलेंडर के आधार पर मार्च या अप्रैल के महीनों में पड़ता है। इस दिन सनातन धर्म में हिंदू नव वर्ष की शुरुआत होती है। चैत्र नौ दिनों तक चलता है। भक्तजन व्रत रखते हैं और माता से प्रार्थना और पूजा करते हैं। “चैत्र” शब्द का अर्थ हिंदू महीने चैत्र से है, जो हिंदू चंद्र कैलेंडर का पहला महीना है। नवरात्रि, जिसका अर्थ है “नौ रातें”, प्रत्येक दिन…

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हारे का सहारा हैं खाटू के श्री श्याम

राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू श्याम मंदिर बाबा श्याम जी के लिए प्रसिद्ध है। यह मंदिर भारत के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में गिना जाता है। खाटू श्याम जी को भगवान श्रीकृष्ण का कलयुगी अवतार माना जाता है। दानशीलता के कारण बर्बरीक ने बिना किसी सवाल के अपना शीश भगवान श्री कृष्ण को दान दे दिया। इसी दानशीलता के कारण श्री कृष्ण ने कहा कि तुम कलयुग में मेरे नाम से पूजे जाओगे। तुम कलयुग का अवतार कहलाओगे और हारे का सहारा बनोगे। इसलिए उन्हें हारे का सहारा भी…

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होलिका दहन पर इन उपायों को करने से संवर जाएगी आपकी जिंदगी

हिंदू धर्म में होली के त्योहार का विशेष महत्व है। होली के दिन और रात में तंत्र साधना करना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि होली पर किए गए उपाय जल्द सिद्ध हो जाते हैं। वहीं जातक को जल्दी फल की प्राप्ति होती है। हर साल फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को होली का पर्व मनाया जाता है। इस बार होली का पर्व 14 मार्च 2025 को मनाया जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि होली के दिन कुछ छोटे-छोटे उपाय करने…

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