प्रधानमंत्री ने कहा कि अब बिहार को विकास करते देखकर, कांग्रेस और राजद ने फिर बिहार को बदनाम करने की ठान ली है। ऐसी मानसिकता वाले लोग कभी बिहार का भला नहीं कर सकते। जिन लोगों को अपनी तिजोरी भरने की चिंता रही हो, वो गरीब के घर की चिंता क्यों करें? उन्होंने कहा कि कांग्रेस के एक प्रधानमंत्री ने माना था कि कांग्रेस सरकार 100 पैसा भेजती है, तो 85 पैसा बीच में ही लूट जाता है। कांग्रेस-RJD की सरकार में सीधे गरीब के खाते में पैसे नहीं आ पाते थे। लालटेन जलाकर वो पंजा उस पैसे पर हाथ मारता था और 85 पैसे मार लेता था।
अपना हमला जारी रखते हुए मोदी ने कहा कि कांग्रेस और RJD से न केवल बिहार के सम्मान को खतरा है, बल्कि बिहार की पहचान को भी खतरा है। आज सीमांचल और पूर्वी भारत में घुसपैठियों के कारण डेमोग्राफी का कितना बड़ा संकट खड़ा हो चुका है। उन्होंने कहा कि बिहार, बंगाल, असम जैसे कई राज्यों के लोग अपनी बहन-बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। इसलिए मैंने लाल किले से डेमोग्राफी मिशन की घोषणा की है। लेकिन, वोटबैंक का स्वार्थ देखिए, कांग्रेस-RJD और उनके इकोसिस्टम के लोग घुसपैठियों की वकालत करने में जुटे हैं, उन्हें बचाने में लगे हैं। और बेशर्मी के साथ ये लोग विदेश से आए घुसपैठियों के लिए नारे लगा रहे हैं, यात्राएं निकाल रहे हैं।
नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज पूर्णिया की इस धरती से मैं इन लोगों को एक बात अच्छी तरह समझाना चाहता हूं। ये RJD और कांग्रेस वालों की जमात जरा कान खोलकर मेरी बात सुन लो। जो भी घुसपैठिया है, उसे बाहर जाना ही होगा। घुसपैठ पर ताला लगाना NDA की पक्की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जो नेता उनके बचाव में खड़े हैं, जो घुसपैठियों को बचाने के लिए मैदान में हैं। मैं उनको चुनौती देता हूं कि आप लोग घुसपैठियों को बचाने में चाहे जितना जोर लगा लें, हम घुसपैठियों को हटाने के संकल्प पर काम करते रहेंगे। भारत में भारत का कानून चलेगा, घुसपैठियों की मनमानी नहीं। ये मोदी की गारंटी है- घुसपैठियों पर कार्रवाई भी होगी और देश अच्छा परिणाम भी देखेगा।
![]()
