पोर्शन कंट्रोल
इसका मतलब है कि भोजन की मात्रा को नियंत्रित करना। पोर्शन कंट्रोल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आप सही मात्रा में भोजन करें। यह न तो कम होना चाहिए और न ज्यादा होना चाहिए। आप चाहें तो अपने खाने को चार हिस्सों में बांट सकते हैं। पहले हिस्से में 40% प्रोटीन, 30% फाइबर, 20% कार्बोहाइड्रेट्स और 10% हेल्दी फैट शामिल करना चाहिए। आपको वेट लॉस में खाने की कटौती नहीं बल्कि संतुलन बनाने की जरूरत होती है।
वेट ट्रेनिंग
वेट ट्रेनिंग आपको नियमित रूप से करना चाहिए। तभी आपको फर्क दिखेगा। आप चाहें तो इसके लिए एक रूटीन सेट कर सकते हैं। जिसमें सप्ताह में चार बार स्ट्रेंथ, दो बार कार्डियो और रोजाना वॉक शामिल करें। यह ऐसा वर्कआउट है, जो मांसपेशियों के निर्माण के साथ फैट लॉस के लिए भी अच्छा है। हालांकि शुरूआत में अनुशासित रहना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। लेकिन अनुशासित रहना ही वेट लॉस की असल कुंजी है।
कैलोरी ट्रैकिंग
वेट लॉस के लिए जरूरी है कि आप अपने कैलोरी ट्रैकिंग पर भी ध्यान दें। अपने भोजन के तरीके को समझने के लिए सिर्फ एक सप्ताह ऐसा करें। लोग वेट लॉस के लिए खाने पीने को लेकर कठिन नियम फॉलो करते हैं। जिससे परेशानी होती है। ऐसे में आप अपनी कैलोरी ट्रैकिंग को प्रोत्साहन के रूप में लें।
मेंटल हेल्थ
वेट लॉस के लिए सिर्फ फिटनेस और डाइट ही जरूरी नहीं है। वेट लॉस के लिए आपको मेंटल हेल्थ का भी ध्यान रखना जरूरी होता है। इसलिए आप अपने रोजमर्रा के कामों को एक डायरी में लिखें, मेडिटेट करें और ग्रैटिट्यूड फील करें। इन आसान तरीकों को फॉलो करने हार्मोन को नियंत्रित करके तनाव को कम करने में भी सहायता मिल सकती है। जिससे वेट लॉस में फायदा मिलता है।
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