राज भवन शंकरगढ़ में स्वदेशी शिल्प मनोरंजन मेला बाजार के व्यापारियों का धंधा कर रहा चौपट

शंकरगढ़ बाजार के व्यापारियों कि पहले से स्थिति है खराब, आए दिन लगने वाले इस मेले से और भी खराब हो रही व्यापार के हालत

शंकरगढ़ , प्रयागराज। राम भवन चौराहा शंकरगढ़ स्थित राज भवन में लगा स्वदेशी शिल्प मनोरंजन मेला क्षेत्र के व्यापारियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। साल में एक बार लगने वाला दशहरे का मेला इस राज भवन की शोभा बढ़ाता था और क्षेत्र में उस दशहरे के मेले का एक अलग ही उत्साह और पहचान होती थी। अब साल में कई बार शिल्प मनोरंजन मेले के आयोजन से आने वाले दशहरे मेले पर भी असर पड़ सकता है।

नगर के कुछ व्यापारियों का आरोप है कि राजा साहब के कुछ करीबियों ने अपने निजी हितों के लिए इस राज भवन में साल में कई बार मेले लगवाकर क्षेत्र के व्यापारियों के धंधों को चौपट करने की कोशिश की जा रही है। इससे क्षेत्र के व्यापारियों की आजीविका प्रभावित हो रही है और उनके धंधे पर बुरा असर पड़ रहा है।

व्यापारियों ने बताया कि पहले दशहरे का मेला एक बड़ा आयोजन होता था, जिससे क्षेत्र के व्यापारियों को भी फायदा होता था। लेकिन अब साल में कई बार मेले लगने से क्षेत्र के व्यापारियों को नुकसान हो रहा है। इससे उनकी दुकानों की बिक्री घट गई है और उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है।

क्षेत्र के कुछ अन्य नागरिकों का मानना है कि अगर राजा साहब व्यापारियों के हितैषी होते, तो वे साल में कई बार ऐसे मेले का परमिशन नहीं देते। जो सदियों से परंपरा चली आ रही थी कि राजभवन में दशहरे पर जो मेला लगा करता था, वही मेला लगता था, जिससे क्षेत्र के छोटे-बड़े व्यापारियों को भी फायदा होता था।

वहीं, कुछ व्यापारी और समाजसेवियों ने कहा कि साल में कई बार राज भवन में लगने वाले इस शिल्प मनोरंजन मेले की जानकारी शायद राजा साहब तक नहीं पहुंच पाती है, जिसके कारण मेला साल में कई बार लग रहा है। राजा साहब को शायद इस मेले के विषय में जानकारी होती, तो वह शंकरगढ़ बाजार के व्यापारियों के विषय में विचार करते और साल दर साल दशहरा पर लगने वाले मेले के अलावा इस तरीके से हर महीने मेला लगने का परमिशन नहीं देते।

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