चेन्नई सुपर किंग्स ने इस मामले पर अपना आधिकारिक बयान जारी कर सभी विवादों को विराम देने की कोशिश की है। सीएसके ने साफ किया है कि ब्रेविस का सेलेक्शन आईपीएल 2025-27 के नियमो के मुताबिक हुआ था। सीएसके ने अपने बयान में कहा कि ये कदम आईपीएल के रीप्लेसमेंट प्लेयर्स नियम के तहत लिया गया, जो चोटिल या अनुपलब्ध खिलाड़ियों के स्थान पर नए खिलाड़ी को शामिल करने की अनुमति देता है।
बता दें कि, सीएसके ने प्रेस रिलीज जारी करते हुए कहा कि अप्रैल 2025 में डेवाल्ड ब्रेविस को चोटिलगुरजपनीत सिंह के रिप्लेसमेंट खिलाड़ी के रूप में 2.2 करोड़ रुपये की लीग फीस के लिए अनुबंधित किया गया था, जिन्हें सऊदी अरब के जेद्दाह के अबादी जौहर एरेना में आयोजित आईपीएल 2025 खिलाड़ी की नीलामी में चुना गया था।
डेवाल्ड ब्रेविस को आईपीएल प्लेयर रेगुलेशन 2025-27 के पूर्ण अनुपालन में साइन किया गया था, खासकर रिप्लेसमेंट प्लेयर्सके तहत क्लॉज 6.6 जो निम्नानुसार है। पैराग्राफ 6.1 या 6.2 में से किसी एक के मुताबिक सान रिप्लेसमेंट खिलाड़ी को लीग फीस पर शामिल किया जा सकता है जो लीग फीस से ज्यादा नहीं होगा जो संबंधित सीजन के लिए चोटिल या अनुपलब्ध खिलाड़ी को दी जाती है। अगर रिप्लेसमेंट खिलाड़ी को सीजन के दौरान साइन किया जाता है उसे भुगतान की गई लीग फीस वास्तव में सीजन के दौरान फ्रैंचाइजी के मैचों के हिसाबसे कम कर दिया जाएगा जो उसके रजिस्टर होने से पहले हुआ था।
अश्विन ने कहा था कि, मैं ब्रेविस के बारे में कुछ बताता हूं। उन्होंने पिछले आईपील सीजन चेन्नई सुपर किंग्स के साथ काफी अच्छा समय गुजारा और कई सारी टीम उनमें दिलचस्पी दिखा रही थीं। कई टीमों ने उन्हें ज्यादा प्राइस की वजह से अपने साथ शामिल नहीं किया। रिप्लेसमेंट के तौर पर उन्हें बेस प्राइस वाली रकम मिलन चाहिए थी, लेकिन आप एजेंट्स के साथ संपर्क में आते हैं और खिलाड़ी कहता है कि पैसा ज्यादा मिलेगा तो वो टीम को जॉइन करेगा। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि खिलाड़ी जानता है कि अगले सीजन उसे रिलीज किया गया तो उसे ऑक्शन में काफी बढ़िया पैसा मिलेगा। ब्रेविस का कॉन्सेप्ट यही था कि या तो ज्यादा पैसा मिले, या फिर वो अगले सीजन ऑक्शन में नाम रजिस्टर करवाएंगे। सीएसके ज्यादा पैसा देने के लिए राजी थी, इसलिए वो टीम में आए।
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