हालांकि, मंत्री ने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह प्रतिबंध केवल तीर्थयात्रा मार्ग पर पड़ने वाली मांस की दुकानों पर ही लागू होगा या नहीं। उन्होंने कहा कि इसको लेकर मांग की जरूरत नहीं है। कांवड़ यात्रा के दौरान इन्हें विशेष रूप से बंद रखा जाएगा। ये सभी अवैध दुकानें हैं और हम कांवड़ यात्रा के दौरान इन्हें संचालित करने की अनुमति नहीं दे सकते।
पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने भी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि राज्य में कांवड़ यात्रा मार्ग पर कोई मांस न बेचा जाए। 26 जून को सरकार ने यह भी आदेश दिया कि तीर्थयात्रा मार्ग पर सभी भोजनालयों को अपने मालिकों के नाम प्रदर्शित करने होंगे।
दूसरी ओर जंगपुरा से भाजपा विधायक तरविंदर सिंह मारवाह ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली में कांवड़ यात्रा मार्ग पर सभी शराब और मांस की दुकानों को अस्थायी रूप से बंद करने का अनुरोध किया था। विधायक ने कहा था कि शराब और मांस की दुकानों पर अस्थायी प्रतिबंध यात्रा की पवित्रता का सम्मान करेगा और किसी भी संभावित अप्रिय घटना को रोकेगा।
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