छत्रपति शाहूजी महाराज के विचारों पर चलने की जरूरत -राजेंद्र पाल

नवाबगंज: अपना दल एस की राष्ट्रीय अध्यक्ष केंद्रीय राज्य मंत्री भारत सरकार अनुप्रिया पटेल जी के निर्देश पर फाफामऊ विधान सभा क्षेत्र के जगदीशपुर में छत्रपति शाहूजी महाराज की जन्म जयंती विधानसभा अध्यक्ष बृजेश पटेल की अध्यक्षता में धूमधाम से मनाई गई।
कार्यक्रम की शुरुआत छत्रपति साहू जी महाराज के चित्र पर माल्यार्प करके किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय सलाहकार सदस्य राजेन्द्र पाल जी ने कहा कि छत्रपति शाहूजी महाराज का जन्म 26 जून 1874 को कोल्हापुर में हुआ था। वह कोल्हापुर रियासत के राजा थे। उन्हें आरक्षण का जनक भी कहा जाता है। उनके प्रशासन में ज्यादातर ब्राह्मण जाति के लोग ही थे। इस एकाधिकार को समाप्त करने के लिए उन्होंने आरक्षण का कानून बनाया और बहुजन समाज के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था थी। देश में आरक्षण की यह पहली व्यवस्था थी। अपने शासनकाल में बाल विवाह पर प्रतिबंध लगाया।वह महात्मा फुले से प्रभावित और डॉ. आम्बेडकर के मददगार थे। उन्होंने 1912 में प्राथमिक शिक्षा को अनिवार्य और मुफ्त करने का कानून बनाकर शूद्रों एवं दलितों के लिए शिक्षा का दरवाजा खोला। 1917 में पुनर्विवाह का कानून भी पास किया। 6 मई 1922 को राजा छत्रपति शाहू महाराज की मृत्यु हुई।
विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय महासचिव व्यापार मंच बीएल पटेल ने कहा कि 2 जुलाई को अपना दल के संस्थापक डॉ सोनेलाल पटेल की जन्म जयंती समारोह में ज्यादा से ज्यादा लोगों के पहुंचने की अपील की। जिला उपाध्यक्ष धनराज पटेल जिला मीडिया प्रभारी राजेन्द्र सिंह पटेल, सुशील पटेल आदि वक्ताओं ने अपने अपने विचार रखे। इस मौके पर विधानसभा उपाध्यक्ष शिव कुमार, जोन अध्यक्ष बलवंत सिंह संजय गुप्ता, तुलसीराम, शिव शंकर ‌वर्मा, कुलदीप सिंह, मो.इमरान, ज्ञान चन्द, आशुतोष पाल, राम सुमेर यादव आदि पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही।

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