प्रधानमंत्री मोदी सोमवार शाम को यहां पहुंचे और यह एक दशक में मोदी की कनाडा की पहली यात्रा है। प्रधानमंत्री इस दौरान विश्व के नेताओं के साथ मुलाकात करेंगे और ऊर्जा सुरक्षा, प्रौद्योगिकी तथा नवाचार सहित महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। मोदी ने एक पोस्ट में कहा कि शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए कनाडा के कैलगरी पहुंच गया हूं। शिखर सम्मेलन में विभिन्न नेताओं से मुलाकात करूंगा और महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर अपने विचार साझा करूंगा। ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं पर भी जोर दूंगा। ग्लोबल साउथ’ शब्द का इस्तेमाल आम तौर पर आर्थिक रूप से कम विकसित देशों को संदर्भित करने के लिए किया जाता है।
पीएम मोदी के इस समिट में शामिल होने से जहां एक तरफ पाकिस्तान को एक तरफ मिर्ची लग रही है तो वहीं दूसरी तरफ खालिस्तानी भी बौखला गए हैं। इसलिए उन्होंने पीएम मोदी को धमकी दी है। इतना ही नहीं पीएम मोदी के दौरे के बीच खालिस्तानियों ने रोड शो भी निकाल लिया और जमकर देश विरोधी नारे लगाए। खालिस्तानी चरमपंथी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ़ प्रदर्शन करने के लिए अल्बर्टा के कनानास्किस में एकत्र हुए।
कनाडाई पत्रकार डैनियल बोर्डमैन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा से पहले, कैलगरी में खालिस्तानी अलगाववादियों के एक समूह ने मोदी विरोधी प्रदर्शन किया, जिसमें कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से मोदी राजनीति को खत्म करने और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से भारत की राजनीति को खत्म करने का आह्वान किया गया। बोर्डमैन ने इस यात्रा को घरेलू राजनीति, व्यापार और देश के चरमपंथ से निपटने के लिए निहितार्थ के साथ एक “महत्वपूर्ण” विकास के रूप में वर्णित किया। बोर्डमैन ने कहा कि खालिस्तान आंदोलन भारत-कनाडा संबंधों में एक बड़ी बाधा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कनाडा में सक्रिय सिख अलगाववादी समूहों के प्रति कनाडा की नरमी, जिन्हें कथित तौर पर पाकिस्तान द्वारा वित्त पोषित किया जाता है, को भारत द्वारा आतंकवाद और बाल्कनीकरण के समर्थन के रूप में देखा जाता है।
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