इन स्टीकर्स का रंग गाड़ी के ईंधन के प्रकार को दर्शाता है:
– हल्का नीला: पेट्रोल और सीएनजी गाड़ियों के लिए
– नारंगी: डीजल गाड़ियों के लिए
– ग्रे: इलेक्ट्रिक या हाइब्रिड गाड़ियों के लिए
इन स्टिकर्स की अहमियत
इन स्टिकर्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये ट्रैफिक पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण एजेंसियों को गाड़ी के ईंधन प्रकार का तुरंत पता लगाने में मदद करते हैं। खासकर दिल्ली में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए, डीजल गाड़ियों पर कुछ समय के लिए रोक भी लगाई जाती है। ऐसे में ये स्टिकर्स बड़ी मदद करते हैं और प्रदूषण नियंत्रण नियमों को लागू करने में सहायक होते हैं।
ये स्टिकर्स गाड़ियों के प्रदूषण स्तर पर नजर रखते हैं और प्रदूषण नियंत्रण की योजनाओं का एक अहम हिस्सा बन चुके हैं। इससे न सिर्फ शहर की हवा को साफ करने में मदद मिलती है, बल्कि इसके जरिए वायु प्रदूषण से निपटने में भी एक कदम आगे बढ़ते हैं।
बिना स्टीकर के क्या हो सकता है?
अप्रैल 2019 से ये स्टिकर्स हर नई गाड़ी के लिए अनिवार्य कर दिए गए थे, और बाद में पुराने वाहनों पर भी यह नियम लागू हुआ। अगर किसी वाहन पर यह स्टीकर नहीं लगा है, तो मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 192(1) के तहत कार्रवाई की जा सकती है। दिल्ली सरकार ने 2020 में एक अभियान चलाया था, जिसमें बिना एचएसआरपी और स्टीकर वाली गाड़ियों पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया था। अब यह स्पष्ट कर दिया गया है कि बिना स्टीकर के पीयूसी सर्टिफिकेट भी जारी नहीं किया जाएगा।
ऑनलाइन कलर-कोडेड स्टिकर कैसे बनवाएं?
यदि आपके पास अभी तक कलर-कोडेड फ्यूल स्टीकर नहीं है, तो इसे ऑनलाइन बनवाना बेहद आसान है। इसके लिए आपको निम्नलिखित स्टेप्स फॉलो करने होंगे:
1. दिल्ली ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर जाएं।
2. अधिकृत डीलरों की लिस्ट देखें और अपने नजदीकी डीलर को चुनें।
3. अपॉइंटमेंट बुकिंग लिंक पर क्लिक करें और वाहन का प्रकार चुनें (निजी या व्यावसायिक)।
4. वाहन मॉडल और राज्य की जानकारी भरें।
5. डीलर का स्थान चुनें और अपनी निजी व वाहन से जुड़ी जानकारी भरें।
6. ओटीपी के जरिए मोबाइल नंबर वेरीफाई करें।
7. अपॉइंटमेंट की तारीख और समय चुनें और ऑनलाइन भुगतान करें।
8. भुगतान के बाद एसएमएस या ईमेल के जरिए पुष्टि प्राप्त करें।
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्टिकर वायु प्रदूषण के खिलाफ बड़ी लड़ाई का हिस्सा हैं। इनसे न सिर्फ उच्च-उत्सर्जन वाली गाड़ियों पर नजर रखी जाती है, बल्कि ये पर्यावरण नियमों को सख्ती से लागू करने में भी मदद करते हैं।
इसलिए दिल्ली के सभी वाहन मालिकों को सलाह दी जाती है कि वे जल्द से जल्द यह स्टिकर लगवाएं। ना सिर्फ जुर्माने से बचने के लिए, बल्कि शहर की हवा को साफ और सेहतमंद बनाने में योगदान देने के लिए भी।
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