प्रयागराज एयरपोर्ट में सभी तरह के विजिटर पास पर लगी रोक, चप्पे-चप्पे पर रखी जा रही पैनी नजर

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और युद्ध की स्थिति को देखते हुए प्रयागराज एयरपोर्ट पर सुरक्षा और सतर्कता बढ़ा दी गई। यहां पर विजिटर पास पर रोक लगा दी गई है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे तीन घंटे पहले एयरपोर्ट पहुंचें।  ग्रीष्मकालीन अवकाश के चलते बाहर घूमने के लिए एयरपोर्ट पर आवाजाही इन दिनों कुछ अधिक बढ़ गई है। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के बाद विमान कंपनियों ने उड़ानों पर समीक्षा शुरू कर दी है। सरकारी आदेश के तहत एयरपोर्ट पर अपने परिजनों, दोस्त और रिश्तेदारों को छोड़ने या रिसीव करने के लिए लोग विजिटर पास लेकर एयरपोर्ट के भीतर प्रवेश करते हैं।सीमा पर तनाव और युद्ध की स्थिति के चलते एहतियातन विजिटर पास को बंद कर दिया गया है। साथ ही एयरपोर्ट पर तीन घंटे पहले ही पहुंचने का फरमान जारी कर दिया गया है। इन दिनों गर्मी की छुट्टियां बिताने के लिए यात्रियों ने शिमला, मनाली, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, अमृतसर, जैसलमेर, उत्तराखंड, सहित अन्य शहरों में जाने के लिए टिकट की बुकिंग कराई थी। कई विमानन कंपनियां फुल रिफंड या यात्रा की तिथि आगे बढ़ाने का निःशुल्क विकल्प दे रही हैं।
प्रयागराज एयरपोर्ट और पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त कर दिया गया है। किसी अनहोनी की आशंका को लेकर प्रशासन सतर्क हो है। शुक्रवार से एयरपोर्ट पर यात्रा करने वालों को अब दोहरी जांच से गुजरना होगा। यात्रियों का हैंड बैगेज पहले की तरह सीआईएसएफ द्वारा जांचा जाएगा। 

विजिटर्स पास पर रोक, जवानों की छुट्टी रद्द

फिलहाल विजिटर्स पास जारी करने पर रोक लगा दी गई है। सीआईएसएफ जवानों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं और छुट्टी पर गए जवानों को 24 घंटे में ड्यूटी पर लौटने का निर्देश दिया गया है। एयरपोर्ट परिसर में दिन-रात गश्त बढ़ा दी गई है और हर 30 मिनट पर डॉग स्क्वॉड द्वारा तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। बम निरोधक दस्ते और सीसीटीवी की निगरानी भी तेज़ कर दी गई है।

होटलों पर पुलिस की नजर, रातभर चली छापेमारी

शहर के प्रमुख थाना क्षेत्रों सहित सिविल लाइंस, कटरा, रोडवेज बस स्टेशन, प्रयागराज जंक्शन में अभियान चलाकर चेकिंग की जा रही है।

बंद की गई शंकर विमान मंडपम और संगम क्षेत्र की लाइट

एहतियात के तौर पर संगम तट पर स्थित विशाल शंकर विमान मंडपम मंदिर की लाइट को बंद कर दिया गया है। महाकुंभ के दौरान मंदिर की लाइट श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी थी। महाकुंभ मेला शुरू होने से पहले ही चार तल वाले इस विशाल मंदिर को आकर्षक रंग बिरंगी लाइट से सजाया गया था। साथ ही मंडप पर भी कलरफुल बल्व लगाए गए थे जिससे दूर से ही मंदिर दिखता था। संगम तट पर महाकुंभ के दौरान लगी लाइट और खंभों को भी हटा दिया गया है। हालांकि यहां पर खंभों को हटाने का कार्य पहले से ही शुरू था लेकिन पाकिस्तान पर स्ट्राइक के बाद शंकर विमान मंडप के साथ ही संगम की रेती पर जल रही लाइटों को बंद करा दिया गया है।

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