10 में से आठ मुकाबले गंवा चुकी चेन्नई प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई है। चार अंक और -1.211 के नेट रन रेट के साथ टीम 10वें पायदान पर है जबकि पंजाब तीन स्थानों की छलांग लगाकर दूसरे स्थान पर पहुंच गई। अब उनके 13 अंक हो गए हैं और उनका नेट रन रेट 0.199 हो गया। वहीं, शीर्ष पर 14 अंकों के साथ आरसीबी काबिज है।
चेपॉक में लगातार पांच मैचों में हार के साथ चेन्नई प्लेऑफ की दौड़ से बाहर होने वाली इस सत्र की पहली टीम है। ऐसा पहली बार हुआ है जब चेन्नई ने घरेलू मैदान पर लगातार पांच मुकाबलों में शिकस्त झेली है। इससे पहले 2008 और 2012 में फ्रेंचाइजी ने लगातार चार-चार मैच हारे थे।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब किंग्स को प्रियांश आर्या और प्रभसिमरन सिंह ने अच्छी शुरुआत दिलाई। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 44 रन की साझेदारी हुई। खलील अहमद ने आर्या को अपना शिकार बनाया, जो 15 गेंदों में 23 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद तीसरे नंबर पर कप्तान श्रेयस अय्यर आए और उन्होंने प्रभसिमरन (54) के साथ 50 गेंदों में 72 रन जोड़े। दोनों ने अर्धशतकीय पारियां खेलीं और टीम की जीत सुनिश्चित कर पवेलियन लौटे। अय्यर ने 41 गेंदों में 72 रन बनाए जिसमें पांच चौके और चार छक्के शामिल हैं। उनके अलावा शशांक सिंह ने 23, नेहल वढेरा ने पांच और सूर्यांश शेडगे ने एक रन बनाया। वहीं, जोश इंग्लिस और मार्को यानसेन क्रमश: छह और चार रन बनाकर नाबाद रहे।
इससे पहले चेन्नई की शुरुआत खराब हुई थी। शेख रशीद और आयुष म्हात्रे क्रमश: 11 और सात रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद सैम करन ने मोर्चा संभाला। हालांकि, उन्हें दूसरे छोर से डेवाल्ड ब्रेविस के अलावा किसी का साथ नहीं मिला। दोनों ने 78 रनों की साझेदारी निभाई। करन ने सर्वाधिक 88 रनों की पारी खेली जबकि ब्रेविस ने 32 रन बनाए। उनके अलावा रवींद्र जडेजा ने 17, शिवम दुबे ने छह, महेंद्र सिंह धोनी ने 11 और दीपक हुड्डा ने दो रन बनाए। वहीं, अंशुल और नूर अपना खाता भी नहीं खोल पाए जबकि खलील खाता खोले बगैर नाबाद रहे। इस मैच में पंजाब के लिए युजवेंद्र चहल ने चार विकेट हासिल किए। वहीं, अर्शदीप सिंह और मार्को यानसेन को दो-दो सफलताएं मिलीं। अजमतुल्लाह उमरजई और हरप्रीत बराड़ ने एक-एक विकेट अपने नाम किया।
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