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लोकसभा और राज्यसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, आखिरी दिन भी हुआ हंगामा
संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण खत्म हो गया है और दोनों ही सदनों को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के आखिरी समय के कामकाज अपने आप में ऐतिहासिक रहे। दोनों सदनों में वक़्फ़ बिल को लेकर देर रात तक चर्चा की गई और उसे पारित किया गया जो अपने आप में एक नया रिकॉर्ड है। वक़्फ़ बिल में पुराना रिकॉर्ड 1981 में 16 घंटे 51 मिनट आजमा अधिनियम पर रिकॉर्ड चर्चा की गई थी | और राज्य सभा में कल 17 घंटे 2 मिनट तक चर्चा की गई। जो एक एक रिकॉर्ड बन गया। संसद का बजट सत्र दो भागों में आयोजित किया गया; यह 31 जनवरी को शुरू हुआ और 13 फरवरी तक चला। संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण खत्म हो गया है और दोनों ही सदनों को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के आखिरी समय के कामकाज अपने आप में ऐतिहासिक रहे। दोनों सदनों में वक़्फ़ बिल को लेकर देर रात तक चर्चा की गई और उसे पारित किया गया जो अपने आप में एक नया रिकॉर्ड है। वक़्फ़ बिल में पुराना रिकॉर्ड 1981 में 16 घंटे 51 मिनट आजमा अधिनियम पर रिकॉर्ड चर्चा की गई थी | और राज्य सभा में कल 17 घंटे 2 मिनट तक चर्चा की गई। जो एक एक रिकॉर्ड बन गया। संसद का बजट सत्र दो भागों में आयोजित किया गया; यह 31 जनवरी को शुरू हुआ और 13 फरवरी तक चला। राज्यसभा की कार्यवाही शुक्रवार को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गयी। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने उच्च सदन के 267वें सत्र को अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने से पहले अपने पारंपरिक संबोधन में कहा कि इस दौरान सदन में वक्फ (संशोधन) विधेयक सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुयी। उन्होंने कहा कि इस सत्र के दौरान राष्ट्रपति अभिभाषण और बजट पर लंबी चर्चा हुयी। इसके साथ ही चार अहम मंत्रालयों के कामकाज पर भी चर्चा हुयी और सत्र के दौरान सदन की उत्पादकता 119 प्रतिशत रही। उन्होंने कहा कि तीन अप्रैल को सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होकर चार अप्रैल तड़के तक चली जो अब तक की सबसे लंबी बैठक थी।
