राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि जब पहली बार वक्फ संशोधन विधेयक का मसौदा तैयार किया गया था और जो विधेयक हम अब पारित कर रहे हैं, उसमें बहुत सारे बदलाव हैं। अगर हमने किसी के सुझाव नहीं माने होते तो यह विधेयक पूरी तरह से अलग होता। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह किसी धर्म के खिलाफ नहीं है। रीजीजू ने कहा, ‘‘किसी भी तरीके से सरकार वक्फ़ संपत्ति का प्रबंधन नहीं करती और उसमें हस्तक्षेप नहीं करती।’’ उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इस बिल से एक भी मुस्लिम का नुकसान नहीं होगा। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने वक्फ विधेयक को देश के लिए एक नए युग की शुरुआत बताया और इस पहल के लिए सरकार की सराहना की। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस संशोधन से मुस्लिम समुदाय को लाभ होगा और कांग्रेस की आलोचना की कि वह पहले इस तरह के सुधारों को लागू करने में विफल रही।
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने वक्फ विधेयक को मुसलमानों के खिलाफ बताते हुए बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि यह (विधेयक) अल्पसंख्यकों को तबाह करने के लिए लाया गया है। खरगे ने कहा कि देश में ऐसा माहौल बना है कि यह विधेयक अल्पसंख्यकों को तंग करने के लिए लाया गया है। इसके साथ ही उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से आग्रह किया कि वह इस विधेयक को प्रतिष्ठा का प्रश्न नहीं बनाएं और सरकार इसे वापस ले ले। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने उच्च सदन में वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि लोकसभा में इस विधेयक के पक्ष में 288 मत आए जबकि विपक्ष में 238 मत। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि इसमें खामियां और कमियां हैं तथा सरकार को इस पर गौर करना चाहिए।
समाजवादी पार्टी (सपा) नेता रामगोपाल यादव ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जब उसने देश की सारी संपत्ति बेच ली तब उसकी नजर वक्फ की संपत्ति पर गयी। उच्च सदन में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर चर्चा में भाग लेते हुए सपा नेता ने कहा कि 2014 से 2024 तक सरकार को याद नहीं रहा कि वक्फ के पास कितनी संपत्ति और कितना पैसा है। उन्होंने कहा, ‘‘…जब सारी संपत्ति बेच ली तब देखा कि कहां (संपत्ति) बची है। ऐसा मत कीजिए।’’ यादव ने कहा कि सभी लोग मिल कर काम करेंगे तभी देश की तरक्की हो सकती है। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए और मुसलमानों को यह नहीं लगे कि उनके साथ अन्याय हो रहा है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक का मकसद वक्फ की जमीन के प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है ताकि उनके दुरूपयोग पर काबू पाया जा सके और ‘मलाई खाने’ वाले जमीन माफिया पर रोक लग सके। उन्होंने कहा कि यह विधेयक राष्ट्र के हित में है और किसी पार्टी के पक्ष में नहीं है और न ही किसी वोट बैंक को ध्यान में रखकर इसे लाया गया है। राज्यसभा में वक्फ़ संशोधन विधेयक, 2025 पर हुई चर्चा में भाग लेते हुए नड्डा ने कहा कि मौजूदा वक्फ कानून से मुसलमानों को नुकसान हो रहा था और जमीन माफिया मलाई खा रहे थे। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उसे ऐसे ‘‘मलाई खोरों’’ से दूर रहने को कहा।
राज्यसभा में बुधवार को तृणमूल कांग्रेस ने वक्फ़ संशोधन विधेयक को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और दावा किया कि यह विधेयक संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन करने के साथ ही राज्यों के अधिकारों को भी प्रभावित करता है। उच्च सदन में वक्फ़ संशोधन विधेयक, 2025 पर हुई चर्चा में भाग लेते हुए तृणमूल कांग्रेस सदस्य मोहम्मद नदीमुल हक ने कहा कि यह विधेयक सिर्फ मुसलमानों से ही नहीं बल्कि पूरे देश से जुड़ा है और यह मौलिक अधिकारों का हनन भी करता है। उन्होंने इस विधेयक को गैर-जरूरी कदम बताया और कहा कि यह असंवैधानिक और अल्पसंख्यकों के हितों के खिलाफ है। हक ने कहा कि संविधान कोई किताब नहीं बल्कि देश को रास्ता दिखाने वाला है।
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