आर्ट ऑफ़ लिविंग संस्था के संस्थापक श्री श्री रविशंकर हैं | इस संस्था के 185 से अधिक देशों में केंद्र हैं । वर्तमान समय में संघर्ष और चुनौतियों से भरे जीवन में तनाव और अवसाद से मुक्त होकर खुश रहकर जीवन जेएबे की कला का नाम ही आर्ट ऑफ लिविंग है । यह एक कलात्मक तकनीक है जिसके माध्यम से तनाव और चिंताओं को दूर कर जीवन में खुशी और आनंद लाने की कला सीखी जाती है । आर्ट ऑफ लिविंग संस्था चिन्ता, अवसाद व तनाव से मुक्ति एवं आत्म-विकास के लियें कार्य करके समाज और राष्ट्र के उन्नति और खुशहाली में योगदान देता है ।
इस कार्यक्रम में संरक्षा श्रेणी में कार्य करने वाले रनिंग कर्मचारी ने बड़ी संख्या में भाग लिया । संरक्षा श्रेणी के रनिंग कर्मचारी सुरक्षित ट्रेन परिचालन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं । रनिंग कर्मचारियों की तनाव रहित नौकरी के लिए आर्ट ऑफ लिविंग के कार्यक्रम और शिविर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं । आर्ट ऑफ लिविंग शिविर में रनिंग कर्मचारियों को योग और ध्यान के माध्यम से एकाग्रचित्त होकर कार्य करने की कला सिखाई जाती है ।
आर्ट आफ लिविंग रेलवे कर्मचारियों के जीवन को तनाव मुक्त करने के लिए प्रयागराज मण्डल कार्यालय के सभागार में 04.04.2025 से 06.04.2025 तक 03 दिवसीय हैपीनेस कार्यक्रम आयोजित कर रहा है । आर्ट आफ लिविंग में 1200 रुपये का डोनेशन देकर कोई भी व्यक्ति आजीवन सदस्यता ले सकता है और पुरी दुनिया के 185 से अधिक देशों में संचालित किसी भी केंद्र में हैपीनेस कार्यक्रम में हिस्सा ले सकता है ।
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