आध्यात्म और प्रकृति के अनोखे संगम को जोड़ती प्रयागराज-विशाखापट्टनम स्पेशल ट्रेन

यात्रियों की सुविधा हेतु प्रयागराज और विशाखापट्टनम के बीच स्पेशल ट्रेन का संचालन
उत्तर मध्य रेलवे द्वारा प्रयागराज क्षेत्र और विशाखापट्टनम के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी प्रदान करने के उद्देश्य से गाड़ी संख्या 04159/04160 प्रयागराज-विशाखापट्टनम -प्रयागराज साप्ताहिक विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में कुल 16-16 फेरे लगाएगी।
उत्तर मध्य रेलवे द्वारा यात्रियों की सुविधा हेतु शुरू की जा रही प्रयागराज-विशाखापट्टनम स्पेशल ट्रेन केवल दो बड़े शहरों को जोड़ने वाला रेल माध्यम नहीं है, बल्कि यह श्रद्धालुओं, प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए उत्तर भारत से लेकर दक्षिण-पूर्वी भारत तक फैले देश के कई प्रसिद्ध और खूबसूरत स्थलों की सैर करने का एक बेहतरीन अवसर भी प्रदान करेगी। यह ट्रेन मार्ग धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक धरोहरों, घने जंगलों और तटीय प्राकृतिक सुंदरता का एक अनूठा संगम है।
यात्रा की शुरुआत उत्तर प्रदेश के पवित्र शहर प्रयागराज से होती है, जहाँ यात्री गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगाने के साथ-साथ ऐतिहासिक प्रयागराज किला और आनंद भवन का दीदार कर सकते हैं। यात्रा में आगे बढ़ते हुए मानिकपुर और सतना स्टेशनों के ज़रिए तीर्थयात्री भगवान राम की तपोभूमि चित्रकूट और मैहर स्थित माँ शारदा मंदिर के सुलभ दर्शन कर सकते हैं। कटनी स्टेशन पहुँचकर वन्यजीव प्रेमी विंध्य श्रेणी की पहाड़ियों में बसे प्रसिद्ध बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान की सैर का आनंद ले सकते हैं, जो अपनी समृद्ध जैव विविधता और बाघों के दर्शन के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों से गुजरते हुए यह ट्रेन यात्रियों को अनूपपुर और पेंड्रा रोड स्टेशनों के माध्यम से पवित्र नर्मदा नदी के उद्गम स्थल अमरकंटक और आसपास की सुंदर पहाड़ियों से जोड़ती है। आगे बिलासपुर स्टेशन के निकट अचानकमार्क टाइगर रिजर्व और संबलपुर जंक्शन (ओडिशा) के पास स्थित विश्व प्रसिद्ध हीराकुड बांध व ऐतिहासिक समलेश्वरी मंदिर इस रेल मार्ग के प्रमुख आकर्षण हैं। रायगड़ा की हरी-भरी घाटियाँ और जनजातीय संस्कृति पार करने के बाद यह ट्रेन आंध्र प्रदेश में प्रवेश करती है, जहाँ विजयनगरम और विशाखापट्टनम स्टेशनों से यात्री प्रसिद्ध आरकू घाटी की मनमोहक चाय-कॉफी की वादियों और लाखों वर्ष पुरानी प्राकृतिक बोरा गुफाओं की सैर कर सकते हैं। यात्रा का अंतिम पड़ाव विशाखापट्टनम है, जहाँ ऋषिकोंडा बीच, प्रसिद्ध सबमरीन म्यूजियम और ऐतिहासिक सिम्हाचलम मंदिर पर्यटकों के अनुभव को यादगार बना देते हैं। गाड़ी का विवरण निम्नवत है-

गाड़ी संरचना-इस विशेष ट्रेन में आधुनिक एलएचबी कोच का उपयोग किया जाएगा, जिसमें कुल 22 कोच (1 एसएलआर/डी, 4 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी, 3 वातानुकूलित तृतीय इकोनॉमी, 1 वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी, 1 एसएलआर, 5 सामान्य श्रेणी और 7 स्लीपर श्रेणी) शामिल होंगे।
ट्रेन की समय-सारणी एवं फेरे:
• गाड़ी संख्या 04159 (प्रयागराज – विशाखापट्टनम): 14.08.2026 से 27.11.2026 तक प्रत्येक शुक्रवार को प्रयागराज से सुबह 10:15 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन (शनिवार) दोपहर 13:30 बजे विशाखापट्टनम पहुँचेगी।
• गाड़ी संख्या 04160 (विशाखापट्टनम – प्रयागराज): 15.08.2026 से 28.11.2026 तक प्रत्येक शनिवार को विशाखापट्टनम से दोपहर 15:40 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन (रविवार) शाम 17:30 बजे प्रयागराज पहुँचेगी।
ट्रेन के ठहराव एवं समय सारणी: यह ट्रेन दोनों दिशाओं में मानिकपुर, सतना, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, पेंड्रा रोड, बिलासपुर, रायगढ़, झारसुगुड़ा रोड, संबलपुर जंक्शन, टिटिलागढ़, रायगड़ा, पार्वतीपुरम, बोब्बिली और विजयनगरम जंक्शन स्टेशनों पर रुकेगी।
गाड़ी संख्या 04159 प्रयागराज से प्रस्थान कर मानिकपुर (12:43/12:45), सतना (14:15/14:20), कटनी (16:30/16:35), शहडोल (18:15/18:20), अनूपपुर (18:55/19:00), पेंड्रा रोड (19:38/19:40), बिलासपुर (22:15/22:25), रायगढ़ (00:25/00:30), झारसुगुड़ा रोड (01:50/01:55), संबलपुर (03:05/03:15), टिटिलागढ़ (06:00/06:05), रायगड़ा (09:15/09:20), पार्वतीपुरम (10:00/10:02), बोब्बिली (10:25/10:27) और विजयनगरम (11:25/11:27) होते हुए विशाखापट्टनम पहुंचेगी।
वापसी में, गाड़ी संख्या 04160 विशाखापट्टनम से रवाना होकर विजयनगरम (16:40/16:45), बोब्बिली (17:35/17:37), पार्वतीपुरम (18:02/18:04), रायगड़ा (19:25/19:30), टिटिलागढ़ (22:35/22:40), संबलपुर (01:15/01:25), झारसुगुड़ा रोड (02:30/02:35), रायगढ़ (03:55/04:00), बिलासपुर (06:00/06:10), पेंड्रा रोड (08:33/08:35), अनूपपुर (09:20/09:25), शहडोल (10:00/10:05), कटनी (11:45/11:50), सतना (13:15/13:20) और मानिकपुर (14:38/14:40) होते हुए प्रयागराज पहुंचेगी।

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