प्रयागराज| मंगलवार दिनांक 28 जुलाई 2026 को बुढ़ापे की लकड़ी सेवा समिति प्रयागराज के संगीत प्रकोष्ठ की अव्यवसायिक संगीत प्रेमियों का संगीत कार्यक्रम सनशाइन हाइट्स, लोहिया मार्ग, सिविल लाइन्स में आयोजित किया गया| जिसमें प्रतिभागियों ने बड़े उत्साह के साथ एक से बढ़कर एक गानों की प्रस्तुतियां दी| शैलेन्द्र श्रीवास्तव ने यह वादियाँ यह फिजायें बुला रही हैं व रंग और नूर का बारात, डॉ० एच०के० बजाज चेहरे पे गिरि जुल्फें व बेक़रार करके हमें यूँ न जाईये, वीरेंदर कुमार पाण्डेय अजी क़िबला मोहतरमा व मैंने पूछा चाँद से, राम किशोर पत्थर के सनम व छलकाए जाम आपकी होंठों के नाम, योगेन्द्र पाण्डेय में शायर बदनाम व आ चल के तुझे में ले चलूँ, प्रीता वाजपेयी जोगी जबसे तू आया मेरे द्वार व तेरी उल्फत में सनम दिल ने बहुत दर्द सहे, शशि बजाज लग जा गले व दीवाना मस्ताना हुआ दिल, लालजी दिल का सूना साज तराना व मेरे दिल में आज क्या है, अरुण कुमार श्रीवास्तव प्यार दीवाना होता है व जिस गली में तेरा घर न हो बालमा, पियूष अग्रवाल पल भर के लिए कोई मुझे प्यार करती व ये मेरा प्रेम पत्र पढ़कर, फरहाना सिद्दीकी कहाँ जाते हो करके बहाना पिया व वो हसीं दर्द दे दो, ज्योति श्रीवास्तव सावन का हिंडोला व ऐ मेरे दिले नादाँ, उषा त्रिपाठी लिखे जो ख़त तुझे व आपने याद दिलाया तो, सी०बी० त्रिपाठी वफ़ा जिसने की व तुम अगर मुझको न चाहो, शालिनी खरे हमने सनम को ख़त लिखा, राजन अस्थाना आँखों आखों में हम तुम हो जाएँ दीवाने, हरीश श्रीवास्तव वो तेरे प्यार का गम एक बहाना था सनम, हरी लाल अग्रवाल लिखे जो ख़त तुझे, पियूष खरे फिर वाही शाम वाही गम, रागिनी श्रीवास्तव एक प्यार का नगमा है, मीना मेहरोत्रा आ जा सनम मधुर चांदनी में हम, राकेश मेहरोत्रा ऐ मालिक तेरे बन्दे हम, चन्द्र त्रिपाठी सावन का महीना एवं डॉ० पी०के० सिन्हा ने पुराने गाने नए अल्फाजों में और सावन संबंधित कई गीत प्रस्तुत किए। म्यूजिशियन टीम में सत्य प्रकाश शर्मा, बब्लू एवं अन्य रहे।
कार्यक्रम का संचालन समिति के अध्यक्ष/संस्थापक सेवानिवृत्त मुख्याचिकित्सधिकारी डॉ० पी०के० सिन्हा ने किया तथा बुढ़ापे की लकड़ी सेवा समिति के कार्यकर्ता विनीत राय, महेंद्र कुमार, क्याम उद्दीन, वन्दिता मिश्र, अर्चना सिंह ने कार्यक्रम संपन्न कराने में विशेष सहयोग प्रदान किया|